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बदलने लगा सियासत का रंग मोदी-केजरीवाल की हुई मुलाकात

दिल्ली में सियासत की तस्वीर बदली तो अब सियासत का रंग भी बदलने लगा है। दिल्ली के मुस्तकबिल वज़ीर ए आला और आप के क‍ंवेनर अरविंद केजरीवाल और पीएम नरेंद्र मोदी जुमेरात को पहली बार पीएम के सरकारी रिहायशगाह 7, रेसकोर्स रोड पर आमने-सामने

दिल्ली में सियासत की तस्वीर बदली तो अब सियासत का रंग भी बदलने लगा है। दिल्ली के मुस्तकबिल वज़ीर ए आला और आप के क‍ंवेनर अरविंद केजरीवाल और पीएम नरेंद्र मोदी जुमेरात को पहली बार पीएम के सरकारी रिहायशगाह 7, रेसकोर्स रोड पर आमने-सामने हुए। दोनों लीडरों के बीच पहली मुलाकात के दौरान पीएम ने हाथ जोडकर और फिर हाथ मिलाकर केजरीवाल का इस्तेकबाल किया।

पीएम मोदी ने केजरीवाल को गुलदस्ता भी दिया। इस दौरान केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया भी रहे। 14 मिनट चली तक चली मुलाकात के दौरान दोनों लीडरों ने मुस्करा कर बातचीत की। हालांकि दोनों गले नहीं मिले, जबकि बुध के रोज़ को सदर जम्हूरिया से मुलाकात में केजरीवाल और प्रणव मुखर्जी गले मिले थे।

इससे पहले राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान भी दोनों नेता गले मिले थे। मुलाकात के दौरान केजरीवाल ने दिल्ली के लिए मुकम्मल रियासत का दर्जा मांगा और दिल्ली की तरक्की के लिए मरकज़ और रियासत में ताऊन की बात की। इसी के साथ पीएम को अपने हलफ बर्दारी की तकरीब में आने का दावत दिया।

मुकम्मल रियासत के मुद्दे पर मोदी ने कोई वादा नहीं किया, केवल इस पर गौर करने की बात कही, लेकिन दिल्ली की तरक्की को लेकर पूरा ताऊन करने का वादा किया, जबकि हलफबर्दारी की तकरीब में आने में नाअहली जताए। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी को उनका महाराष्ट्र के लिए पहले से प्रोग्राम तय है।

उस दिन पीएम मोदी वहां एक प्रोग्राम में शरद पवार के साथ मंच साझा करेंगे। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए मनीष ने कहा कि यह एक बशुक्रिया मुलाकात थी। इस दौरान हमने पीएम से कहा कि म्रकज़ और दिल्ली दोनों जगह मुकम्मल अक्सरियत की हुकूमत है इसलिए यह सुनहरा मौका है जब दिल्ली को मुकम्मल रियासत का दर्जा दिया जाना चाहिए।

मनीष ने बताया कि पीएम ने दिल्ली की तरक्की में पूरी मदद करने का यकीन दिया है। साथ ही, केजरीवाल की हलफबरदारी की तकरीब में आने में भी उन्होंने नाअहली जताई।

14 फरवरी को तारीखी रामलीला मैदान में अरविंद केजरीवाल सीएम के ओहदा की हलफ लेने वाले हैं। दिलचस्प यह भी है कि दोनों लीडर सियासत में एक-दूसरे के अपोजिशन हैं, लेकिन 10 फरवरी को दारुल हुकूमत में सियासत की तस्वीर जैसे ही बदली पीएम ने खुद केजरीवाल को चाय पर आने का दावत दिया।

हालांकि मुलाकात के दौरान चाय कहीं नजर नहीं आई। गौरतलब है कि साल भर पहले केजरीवाल ने मोदी से मिलने का वक्त मांगा था, लेकिन तब मोदी ने उन्हें वक्त नहीं दिया था। दिल्ली में हालिया इंतेखाबी तश्हीर के दौरान मोदी ने केजरीवाल पर तीखे वार किए थे। उन्होंने अपनी रैलियों में उन्हें जंगल जाकर नक्सलियों के साथ काम करने की नसीहत दी थी और बिलवास्ता तौर पर बदनसीब भी कह डाला था।

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