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बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी : 1000 स्टूडेंट्स पर केस, अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हटाए गए सीओ

वाराणसी : बीएचयू परिसर में अभी भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि सोमवार को भी प्रदर्शन हो सकते हैं। उधर, हॉस्टल नहीं खाली कराने के आदेश के बाद स्टूडेंट्स ने राहत की सांस ली है। बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 25 से 27 सितंबर तक पूर्व निर्धारित परीक्षाएं अपने कार्यक्रम के अनुसार होंगी। बनारस में हालात तनावपूर्ण हैं। जिला प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों को सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया है। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए बीएचयू और काशी विद्यापीठ को दशहरा की शेड्यूल छुट्टियों से एक दिन पहले ही बंद करने का आदेश दे दिया गया है। दोनों यूनिवर्सिटी को 2 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। तनाव इस कदर है कि पूरे बीएचयू परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। कैंपस में 20 ट्रक पीएसी तैनात है।  पुलिस के लाठीचार्ज, फायरिंग, पथराव और आगजनी के बाद रविवार को बीएचयू के बाहर अशांति का माहौल रहा। तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनात कर दिया गया है। बीएचयू से सैकड़ों छात्र-छात्राएं घरों की ओर रवाना होने लगे हैं। स्थानीय प्रशासन ने पूरे मामले पर प्राथमिक रिपोर्ट प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यालय को भेज दी है. इस रिपोर्ट में संवेदनहीनता और लापरवाही को बवाल की वजह बताया गया है.

वैसे बीएचयू में शनिवार की रात हुए भारी बवाल और पुलिस लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। रविवार देर रात स्टेशन ऑफिसर लंका (SO),सीओ भेलपुर और एक अडिशनल सिटी मैजिस्ट्रेट को हटा दिया गया। सीओ को अकाउंट सेक्शन में भेज दिया गया है। वहीं पुलिस ने 1000 अज्ञात स्टूडेंट्स पर केस दर्ज किया है। 12 से ज्यादा छात्राएं पुलिस से झड़प में घायल हो गईं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, कुछ छात्राओं ने जब जबरन वाइस चांसलर के घर में घुसने की कोशिश की तो उनके साथ भी पुलिस ने बदसलूकी की। एक छात्रा के बाल भी काट दिए गए।
बीएचयू में शनिवार रात जो हिंसा हुई, उसका एक नया वीडियो सामने आया है. ये वीडियो बीएचयू के महिला महाविद्यालय कैंपस का है. वीडियो में साफ दिखता है कि लड़कियों का हुजूम गेट के अंदर की तरफ है और बाहर पुलिस जमा है. लड़कियां इस तरफ से पुलिसवालों के खिलाफ नारे लगाती हैं और पुलिस गेट की तरफ बढ़ती है. एक लड़की को छोड़कर बाकी की सभी लड़कियां अंदर की ओर भागती हैं. इतने में एक पुलिसवाला इस लड़की को धक्का देता है, जिससे वो गिर जाती है और फिर दो और पुलिसवाले उसे लाठी से मारते हैं. इसके बाद जोरदार हंगामा होता है.

इस बीच छात्राओं और छात्रों पर लाठीचार्ज के मामले ने तूल पकड़ लिया है। स्टूडेंट्स आंदोलन से आगे बढ़कर अब इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। रविवार को यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर लाठीचार्ज के बाद बीएचयू कैंपस में पीड़ित स्टूडेंट्स से मुलाकात की तैयारी में थे, हालांकि उन्हें इससे पहले ही हिरासत में ले लिया गया।

बता दें कि बीजेपी के नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में कथित छेड़छाड़ के विरोध में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को ‘नक्सल आंदोलन’ जैसा बताया था। साथ ही उन्होंने वीसी का बचाव भी किया था । स्वामी ने कहा, ‘मैं इस मामले में वीसी का समर्थन करता हूं क्योंकि यह एक नक्सल आंदोलन की तरह लग रहा है, जिसका मतलब है कि वे वीसी के ऑफिस में घुसना चाहते थे और वहां वह हिंसा करते।’ उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करते हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट मांगकर अच्छा किया।

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