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बर्मा में जम्हूरियत की बहाली के लिए ज़ोर

नई दिल्ली, १५ नवंबर ( पीटीआई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से आज यहां बर्मा में जम्हूरियत की बहाली के लिए ज़ोरकी अपोज़ीशन आंग सैन सू कि (Aung San Suu Kyi) ने मुलाक़ात की। इस मौक़ा पर दोनों क़ाइदीन ने मयनमार में जारी क़ौमी मुसालहत और जमहूरीयत की बहाली के अमल

नई दिल्ली, १५ नवंबर ( पीटीआई) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से आज यहां बर्मा में जम्हूरियत की बहाली के लिए ज़ोरकी अपोज़ीशन आंग सैन सू कि (Aung San Suu Kyi) ने मुलाक़ात की। इस मौक़ा पर दोनों क़ाइदीन ने मयनमार में जारी क़ौमी मुसालहत और जमहूरीयत की बहाली के अमल के इलावा दीगर कई उमूर-ओ-मसाइल पर तबादला-ए-ख़्याल किया ।

सरकारी ज़राए के बमूजब ( मुताबिक) वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह ने आंग सैन् सू कि (Aung San Suu Kyi) से कहा कि हमारी नेक ख़ाहिशात आप के साथ और यक़ीनन जमहूरीयत की बहाली के लिए जारी आप की जद्द-ओ-जहद के साथ हैं । हम आप की अनथक (Tireless) जद्द-ओ-जहद और बेपनाह हिम्मत-ओ-हौसले की दाद देते हैं ।

दोनों क़ाइदीन ने तक़रीबन निस्फ़ घंटे तक बातचीत की उस वक़्त उन के मददगार मौजूद नहीं थे । ज़राए ने मज़ीद कहा कि दोनों क़ाइदीन ने मयनमार में जारी क़ौमी मुसालहती अमल और इस तनाज़ुर में जमहूरीयत की बहाली के अमल पर तफ़सीली तबादला-ए-ख़्याल किया ।

वज़ीर-ए-आज़म ने आंग सेन सू कि (Aung San Suu Kyi) और सदर थीन सेन की तरफ़ से की गई पेशरफ़त का ख़ौरमक़दम किया । दोनों क़ाइदीन ने अवाम से अवाम की सतह पर रास्त ताल्लुक़ात को मुस्तहकम बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया । इलावा अज़ीं उन्हों ने दोनों मुल्कों के पार्लीमेंट और अदालती इदारों के दरमयान वसीअ तर तआवुन के फ़रोग़ की ज़रूरत से इत्तिफ़ाक़ किया ।

वज़ीर-ए-आज़म ने नई दिल्ली में आंग सेन सू कि ((Aung San Suu Kyi) की आमद पर ख़ुशी का इज़हार किया और कहा कि जवाहर लाल नेहरू लेक़्चर देने के लिए हमारी दावत क़बूल करने पर हम आप का शुक्रिया अदा करते हैं । आंग सेन् सू कि को यू पी ए की सदर नशीन सोनीया गांधी ने दौरा हिंद की दावत दी थी ।

आंग सैन् सू कि (Aung San Suu Kyi) तक़रीबन 40 साल के वक़फ़ा के बाद हिंदूस्तान का पहली मर्तबा दौरा कर रही हैं । Aung San Suu Kyi अपने एक हफ़्ता तवील क़ियाम के दौरान लेडी सिरी राम कालेज का दौरा भी करेंगी जहां से उन्हों ने तालीम हासिल की थी।

Aung San Suu Kyi नई दिल्ली में अपनी मसरुफ़ियात के इलावा बैंगलौर के इंडिया इंस्टीटियूट आफ़ साईंस और इंफोसिस कैंपस का भी मुआयना करेंगी । इलावा अज़ीं वो आंधरा प्रदेश के देही इलाक़ों का दौरा करते हुए हिंदूस्तान में देही तरक्कियात और ख़वातीन को बाइख़तियार बनाने के लिए चलाए जाने वाले प्रोग्रामों का जायज़ा लेंगी ।

Aung San Suu Kyi अपनी ज़िंदगी के चंद इबतिदाई साल हिंदूस्तान में गुज़ार चुकी हैं जब उन की वालिदा हिंदूस्तान में बर्मा की सफ़ीर थीं । बादअज़ां उन्हों ने 1987 में शिमला के इंस्टीटियूट आफ़ एडवांस स्टडी से फैलोशिप भी किया था । क़बल अज़ीं आंग सेन सू कि ने जवाहरलाल नेहरू लेक़्चर देते हुए कहा कि महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू दो ऐसे हिंदूस्तानी क़ाइदीन है जिन्हें वो ख़ुद से बहुत करीब तसव्वुर करती हैं और याद दिलाया कि किस तरह हिंदूस्तान के पहले वज़ीर-ए-आज़म और इन में कई बातें मुश्तर्क हैं।

हिंदूस्तान में तालीम याफ्ता मयनमार की जम्हूरियत पसंद रहनुमा ने कहा कि मुख़्तलिफ़ उमूर ( Affairs) पर इख़तिलाफ़ात के बावजूद शख़्सी-ओ-सयासी ताल्लुक़ात की बक़ा हिंदूस्तानी सियासत की कई अहम कामयाबियों से एक है। 67 साला (Aung San Suu Kyi) जिन के वालिद जनरल आंग सान को बर्मा में तहरीक आज़ादी का हीरो तसव्वुर किया जाता है, हिंदूस्तान के पहले वज़ीर-ए-आज़म पण्डित जवाहर लाल नेहरू के शख़्सी दोस्त थे।

कांग्रेस की सदर सोनिया गांधी ने अपने ख़िताब में आंग सेन सू कि के दौरा हिंद को इंतिहाई क़ाबिल ख़ैरमक़दम क़रार दिया और कहा कि मयनमार की जम्हूरियत पसंद रहनुमा अपने अज़ीम वालिद की विरासत की कीमती-ओ-हक़ीक़ी वारिस हैं, सोनिया गांधी ने कहा कि सियासत पर (Aung San Suu Kyi) का नज़रिया अख़लाक़ पर मबनी ( बनी) है जिस के नतीजा में सारी दुनिया के लोग उन्हें एहतिराम की निगाहों से देखते हैं।

महात्मा गांधी की तरह आंग सेन सू कि की ज़िंदगी भी इन का ज़िंदा पयाम है और पण्डित नेहरू भी आंग सेन सू कि (Aung San Suu Kyi) के लिए बुलंद हौसले का सरचश्मा रहे हैं।

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