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बर्क़ी सारिफ़ीन को राहत मिलने की तवक़्क़ो

हैदराबाद 12 जनवरी: आंध्र प्रदेश के बर्क़ी सारिफ़ीन को राहत मिलने की तवक़्क़ो है। बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा करने हुकूमत के मुजव्वज़ा इक़दामात को रोकने दीगर मतबादलात की त‌ऱाफ तवज्जा दिलाई जा रही है।

हैदराबाद 12 जनवरी: आंध्र प्रदेश के बर्क़ी सारिफ़ीन को राहत मिलने की तवक़्क़ो है। बर्क़ी शरहों में इज़ाफ़ा करने हुकूमत के मुजव्वज़ा इक़दामात को रोकने दीगर मतबादलात की त‌ऱाफ तवज्जा दिलाई जा रही है।

आंध्र प्रदेश स्टेट अलकटरीसटी रैगूलेटरी कमीशन ने ए पी ट्रांस्को डिस्कॉमस की तरफ से मुजव्वज़ा बर्क़ी शरह में इज़ाफ़ा से सारिफ़ीन को राहत पहुंचाने ज़ाइद 12,723 करोड़ रुपय हासिल करने का तरीक़ा वज़ा किया है।

इज़ाफ़ी आमदनी के कई ख़ातिरख़वाह मवाक़े हासिल हैं। अगर रियास्ती हुकूमत इन मवाक़े से इस्तेफ़ादा करे तो वो सारिफ़ीन पर शरह का ज़ाइद बोझ आइद करने से गुरेज़ करसकती है।
आर एल एन जी के मसले को हल करलिया जाये और इस मरहले पर दरुस्त क़दम उठाया जाये तो नाक़िस पालिसीयों से अवाम पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सकता है।

डिस्कॉमस ने 6000 करोड़ रुपये के मसारिफ़ की तजवीज़ रखी है और ये रक़म बर्क़ी शरह में इज़ाफ़ा 12,723 करोड़ रुपये के ज़रीये हासिल की जाने वाली है।

डिस्कॉमस ने फ़ी यूनिट दस्ता बारह रुपये भारी क़ीमत अदा करके बर्क़ी ख़रीदी का फ़ैसला किया है, लेकिन अलकटरीसटी रैगूलेटरी कमीशन ने हुकूमत की नाक़िस पालिसीयों से होने वाले नुक़्सानात का जायज़ा लेकर हुकूमत को मुतबादिल इक़दामात की तरफ तवज्जा दिलाई है।

मर्कज़ और रियास्ती हुकूमत की नाक़िस गैस और कोयला पालिसीयों के लिए आर एल एन जी को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है। माहिरीन का कहना है कि अगर हुकूमत ने गैस और कोयला की सरबराही में पाए जाने वाले नक़ाइस को दूर करले तो बर्क़ी शरह में इज़ाफ़ा की नौबत नहीं आएगी और बर्क़ी पैदावार की शरह में इज़ाफ़ा हो जाएगा।

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