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बलात्कारी दरिंदों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

नई दिल्ली, 04 जनवरी: (एजेंसी) दिल्ली पुलिस ने 23 साला पैरामेडिकल तालिबा से गैंगरेप के मामले में 18 दिनों बाद जुमेरात को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में इस्मतरेज़ी करने वाले पांच दरिंदों पर ताजीराते हिंद के तहत कत्ल, गैंगरेप, क

नई दिल्ली, 04 जनवरी: (एजेंसी) दिल्ली पुलिस ने 23 साला पैरामेडिकल तालिबा से गैंगरेप के मामले में 18 दिनों बाद जुमेरात को अदालत में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में इस्मतरेज़ी करने वाले पांच दरिंदों पर ताजीराते हिंद के तहत कत्ल, गैंगरेप, कत्ल की कोशिश, अगवा, अप्राकृतिक अपराध (Unnatural offense) , डकैती, सबूत खत्म करना, मुजरिमाना शाज़िश और इज़्तिमायी ज़ुर्म के इल्ज़ाम लगाए गए हैं।

मुजरिम पाए जाने पर इन्हें फांसी की सजा दी जा सकती है। चार्जशीट में छठे मुल्ज़िम का नाम दर्ज नहीं किया है क्योंकि उसने खुद के नाबालिग होने का दावा किया है। उसका मामला जुविनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा। वैसे पुलिस उसकी मेडिकल रिपोर्ट का इंतेजार कर रही है।

16 दिसंबर की रात को हुई इस शर्मनाक वाकिया ने पूरे मुल्क को झकझोर दिया था। आज भी इसे लेकर आवाम में गुसा सुलग रहा है और जगह-जगह मुतास्सिरा को इंसाफ दिलाने के लिए एहतिजाज हो रहे हैं।

वाजेह है कि मुतास्सिरा की 29 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पुलिस ने पूरे मामले की एक हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार की है, जिसमें 33 पन्नों में पूरी वाकीयात दर्ज है। चार्जशीट को मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सूर्य मलिक ग्रोवर के सामने पेश किया गया। साथ ही सरकारी वकील ने दरखास्त किया कि सीलबंद लिफाफे में पेश मुतास्सिरा के नाम को आवामी न किया जाए और पूरी सुनवाई कैमरे के सामने की जाए।

पुलिस ने मांग की है कि सुनवाई से आम आवाम को दूर रखा जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पांच जनवरी को करने का फैसला किया। पुलिस ने करीब 40 लोगों को अपनी तरफ से गवाह बनाया है।

पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि बलात्कार को आरोपियों ने बतौर म‍सूबे अंजाम दिया था। सरकारी वकील राजीव मोहन ने मीडिया से कहा, ‘हमने सभी छह मुल्ज़िमो के खिलाफ दफा 120-बी लगाई है, जिसमें मुनज़्ज़म ज़राइम शामिल हैं।’

उन्होंने कहा कि हर मुल्ज़िम ने इस नफरत वाले जराइम में रोल निभाए हैं। ऐसे में वे सभी यकसई तौर से मुजरिम हैं। हमारे पास इनके खिलाफ काफी सुबूत हैं, जिनमें मुबय्यना तौर पर नाबालिग मुल्ज़िम भी शामिल है।

मोहन के मुताबिक डीएनए रिपोर्ट से साफ हो गया है कि इन सभी ने जुर्म किया है।

जिन मुल्ज़िमों के नाम चार्जशीट में हैं, वे हैं: राम सिंह, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर। इन लोगों ने मुतास्सिरा से जिंसी इस्तेहसाल करने के अलावा उसके दोस्त को बुरी तरह पीटा था। फिर दोनों को चलती बस से फेंक दिया था।

मुल्ज़िमों के खिलाफ अदालत के अहाते में मौजूद वकीलों में जबर्दस्त गुस्सा था और कोर्टरूम में मौजूद कई वकील मांग कर रहे थे कि दरिंदों को आवाम के हवाले कर दिया जाए। आवाम ही उनसे निपटेगी।

वसंत विहार गैंगरेप में दर्ज दफआत व सजा का शराइत

आईपीसी 302‍(कत्ल) फांसी या उम्र कैद
आईपीसी 307‍(कत्ल की कोशिश) दस साल की सजा व जुर्माना
आईपीसी 365‍(अगवा) सात साल की सजा व जुर्माना
आईपीसी 376 जी‍ (इज़्तिमायी आबरूरेज़ि ) उम्र कैद या दस साल तक की सजा व जुर्माना
आईपीसी 377- (कुकर्म) उम्र कैद या दस साल की सजा व जुर्माना
आईपीसी 394- (लूटपाट) उम्र कैद या दस साल की सजा व जुर्माना
आईपीसी 395- (डकैती) उम्र कैद या दस साल की सजा जुर्माना
आईपीसी 120बी‍ (मुजरिमाना शाजिश) जिस जुर्म की साजिश की गई, उसकी सजा के बराबर सजा
आईपीसी 396- (डकैती के दौरान कत्ल) फांसी, उम्र कैद या दस साल की सजा व जुर्माना
आईपीसी 201‍ (सुबूत मिटाना) सात साल की सजा या जुर्माना
आईपीसी 34-एक से ज्यादा का वारदात में शामिल होना

– पुलिस ने 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। 33 पन्नों में बिंदुवार घटनाक्रम। बाकी में सुबूत, बयान और मुल्ज़िमो के किरदार दर्ज।
– चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब पांच जनवरी से सेशन कोर्ट में सुनवाई शुरू होगी।
– पुलिस ने मुल्ज़िमो के खिलाफ तमाम 11 धाराओं में मामला दर्ज किया।
– चार्जशीट में छठे मुल्ज़िम का नाम नहीं। उसने नाबालिग होने का दावा किया है। उसकी मेडिकल रिपोर्ट का इंतेजार।
‍ मुतास्सिरा के घर वालो ने सभी छह मुल्ज़िमो को सजा-ए-मौत देने की मांग की।
– मामले की सुनवाई बंद कमरे में होगी। मुतास्सिरा का नाम लिफाफे में बंद। मुल्ज़िमो को भी नाम नहीं बताया जाएगा।

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