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बहन की शादी में शिरकत के लिए मुल्ज़िम पर पचास हज़ार रुपये का बोझ

मुंबई, 24 अप्रैल: (एजेंसी) नामज़द मकोका अदालत ने 2006 औरंगाबाद अस्लाह मुक़द्दमा के मुल्ज़िम मुहम्मद मुज़फ़्फ़र तनवीर को उनकी बहन की औरंगाबाद में शादी की तक़रीब में शिरकत की इजाज़त दी लेकिन इसके लिए उन्हें तकरीबन 50,000 रुपये से ज़ाइद के मसारिफ़ अद

मुंबई, 24 अप्रैल: (एजेंसी) नामज़द मकोका अदालत ने 2006 औरंगाबाद अस्लाह मुक़द्दमा के मुल्ज़िम मुहम्मद मुज़फ़्फ़र तनवीर को उनकी बहन की औरंगाबाद में शादी की तक़रीब में शिरकत की इजाज़त दी लेकिन इसके लिए उन्हें तकरीबन 50,000 रुपये से ज़ाइद के मसारिफ़ अदा करने होंगे ।

पुलिस स्कॉर्ट्स और दीगर खर्चे उन्हें बर्दाश्त करना पड़ेगा। नामज़द जज एस एम मोडाक ने मुज़फ़्फ़र तनवीर को उनकी एक ही बहन की शादी तक़रीब में शिरकत की इजाज़त देते हुए कहा कि मुंबई जेल से औरंगाबाद सफ़र के दौरान उन के साथ 6 पुलिस कांस्टेबल बतौर स्कॉर्ट्स होंगे और उनके आने जाने ओ-दीगर मसारिफ़ की ज़िम्मेदारी मुल्ज़िम पर रहेगी।

अदालत ने 25 ता 28 अप्रैल उन्हें इजाज़त देते हुए हिदायत दी कि 6 पुलिस कांस्टेबल्स के लिए 12 घंटे के हिसाब से तकरीबन 54,000 रुपये अदा करें। उनके वकील शाहिद नदीम अंसारी ने बताया कि जेल हुक्काम के पास मुज़फ़्फ़र तनवीर को 52,992 रुपये की रक़म रवानगी से पहले जमा करने की ज़रूरत है ।

इन में 6 कांस्टेबल्स केलिए यौमिया 13,248 रुपये शामिल हैं। क़ब्ल अज़ीं जेल स्टाफ़ ने 6 कांस्टेबल्स के लिए 24 घंटों के हिसाब से चार्ज आइद करने का मुतालिबा किया था। अगर अदालत इस बात को क़बूल कर लेती तो मुज़फ़्फ़र तनवीर को एक लाख रुपये से ज़ाइद की रक़म अदा करनी पड़ती।

उन्हें 10 मई 2006 को औरंगाबाद ज़ख़ीरा मुक़द्दमा में ख़ुदसपुर्दगी के बाद गिरफ़्तार किया गया था।

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