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बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

नई दिल्ली: बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज एक अहम सुनवाई होने वाली है। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी की याचिकाकर्ता पर आज कोर्ट सुनवाई करेगा। कोर्ट में स्वामी को आज यह बात बताना है कि दोनों पक्षकार आपसी सहमति से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तैयार हैं या नहीं?

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते की सुनवाई में दोनों पक्षों से कहा था कि अगर इस मामले को बातचीत से सुलझाया जाए तो बेहतर होगा। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने यह भी कहा था कि  अगर दोनों पक्षों को लगेगा तो वो खुद मध्यस्थता कराने को तैयार हैं और अगर बातचीत से बात नहीं बनती है कि तो फिर सुप्रीम कोर्ट इसकी सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 21 मार्च को दोनों पक्षकारों को सलाह दी थी और कहा कि दोनों इस मुद्दे को मिल बैठकर सुलझाए तो बेहतर होगा। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने कहा था कि ये मामला धर्म और आस्था से जुड़ा हुआ है और दोनों पक्ष आपस में बैठ और बातचीत के जरिए हल निकालने की कोशिश करें।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर ने कहा था कि अगर दोनों पक्षों को लगता है तो वो खुद मध्यस्थता कराने के किए तैयार हैं और अगर दोनों पक्ष चाहे तो इस मामले में कोर्ट किसी जज को मध्यस्थ नियुक्त कर सकता है। उसके बाद भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को कहा था कि वो 31 मार्च को मामले की सुनवाई के लिए फिर से मेंशन करे।

गौरतलब है कि सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर 6 साल से लंबित बाबरी मस्जिद विवाद को रोजाना सुनवाई कर जल्द फैसला सुनाने की गुहार लगाई है। वहीं दूसरी तरफ बाबरी मस्जिद के पैरोकार सुन्नी वक्फ बोर्ड और मोहम्मद हाशिम के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार को चिट्टी लिखकर सुब्रह्मण्यम स्वामी की भूमिका को लेकर सवाल उठाया है। चिट्ठी में कहा गया है कि स्वामी ने जल्द सुनवाई की मांग की है पर वो इस मामले में पक्षकार नहीं हैं, बल्कि उन्होंने हस्तक्षेप याचिका डाली है।

हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने अब तक ये तय नहीं किया है कि स्वामी की याचिका को स्वीकार किया जाए या नहीं। चिट्ठी में यह भी बताया गया है कि स्वामी पक्षकारों के वकीलों को सुनवाई से जुड़ी जानकारी नहीं देते।

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