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बाज़ तलबी का हक़ और इंतिख़ाबी इस्लाहात का मुतालिबा नाक़ाबिले अमल चीफ़ इलैक्शन कमिशनर

नई दिल्ली /17 अक्तूबर (पी टी आई) अन्ना हज़ारे टीम की जानिब से बड़े पैमाने पर इंतिख़ाबी इस्लाहात लाने के लिए किए जा रहे मुतालिबात के दरमयान चीफ़ इलैक्शन कमिशनर एसवाई क़ुरैशी ने कहा कि वो हक़े बाज़ तलबी या मुंतख़ब नुमाइंदों को मुस्तर्द करद

नई दिल्ली /17 अक्तूबर (पी टी आई) अन्ना हज़ारे टीम की जानिब से बड़े पैमाने पर इंतिख़ाबी इस्लाहात लाने के लिए किए जा रहे मुतालिबात के दरमयान चीफ़ इलैक्शन कमिशनर एसवाई क़ुरैशी ने कहा कि वो हक़े बाज़ तलबी या मुंतख़ब नुमाइंदों को मुस्तर्द करदेने जैसे हुक़ूक़ की हिमायत नहीं करती। उन्हों ने ख़बरदार किया कि इस तरह के इंतिख़ाबी इस्लाहात से मुल्क- अदम इस्तिहकाम का शिकार होजाएगा। बाज़ तलबी के हक़ पर अमल करने के लिए किसी भी इक़दाम की मुख़ालिफ़त करते हुए जैसा कि दीगर तरक़्क़ी याफ़ता ममालिक में राइज है, क़ुरैशी ने कहा कि ये तरीका-ए-कार हिंदूस्तान में काबुल अमल नहीं है। मलिक की आबादी के लिहाज़ से ये मुम्किन भी नहीं है। एसवाई क़ुरैशी ने सी एन एन आई बी उन को इंटरव्यू देते हुए कहा कि अगर हिंदूस्तान में इस तरीका-ए-कार को राइज किया जाय तो मुलक-ए-अदम इस्तिहकाम का शिकार हो जाएगा। हर जगह नाराज़गीयाँ पैदा होंगी, मनमानी शुरू हो जाएगी, लोग बाज़ तलबी का मुतालिबा लेकर खड़े हो जाएंगी। राय दही के अमल में किसी किस्म के हक़ या इस्तिर्दाद का इख़तियार देने की तजवीज़ को क़बूल करलिया गया तो इस का ग़लत इस्तिमाल हो सकता है। क़ुरैशी ने कहा कि कश्मीर और शुमाल मशरिक़ी रियास्तों जैसे मुक़ामात पर ग़लत सयासी पयाम पहुंचेगा, जहां अवाम पहले ही से एहसास-ए-महरूमी का शिकार हैं। हमें मुल्क पर मुरत्तिब होने वाले असरात का जायज़ा लेना होगा। उन्हों ने अलकटरानक वोटिंग मशीनों में 49-0 बटन मुतआरिफ़ किए जाने की वकालात की, जिस से राय दहिंदों को उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने में मदद मिलेगी। उन्हों ने मज़ीद कहा कि हक़ इस्तिर्दाद को मनफ़ी सोच देने की बजाय क्यों ना आप एक अच्छे उम्मीदवार को मुंतख़ब करें। हमारा असल अंदेशा ये है कि अगर हम तमाम उम्मीदवारों को मुस्तर्द करने लगें तो हमारे पास कोई दूसरा इलैक्शन नहीं होगा और अवाम पहले ही इंतिख़ाबात से बेज़ारी का इज़हार कर रहे हैं।

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