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बिजली कटौती पर क्यों नहीं मांगते हैं मुआवजा

पटना 22 जून : बिहार बिजली रेगुलेटरी कमीशन ने जनवरी, 2007 में बिहार बिजली तकसीम के कारकर्दगी के लिए मयारी एक्ट लाया था। इस एक्ट में बिजली सार्फीन को मुक़र्रर वक़्त में खिदमत नहीं मिलने पर मुआवजा देने का तजवीज है। मगर, जानकारी या बेदारी क

पटना 22 जून : बिहार बिजली रेगुलेटरी कमीशन ने जनवरी, 2007 में बिहार बिजली तकसीम के कारकर्दगी के लिए मयारी एक्ट लाया था। इस एक्ट में बिजली सार्फीन को मुक़र्रर वक़्त में खिदमत नहीं मिलने पर मुआवजा देने का तजवीज है। मगर, जानकारी या बेदारी की कमी में लोग मुआवजे का दावा नहीं करते। इससे उनकी दिक्कतें खत्म नहीं होतीं।

कैसे मिलेगा मुआवजा

सार्फीन को सबसे पहले मुताल्का फ्राहमी डिविजन के बिजली एग्जेक्यूटीव इंजिनियर के सामने दरख्वास्त देकर तहरीरी शिकायत करनी होगी। शिकायत पर 15 दिनों के अंदर सुनवाई की जायेगी। मुक़र्रर वक़्त में सुनवाई नहीं होने पर सार्फीन पावर होल्डिंग कंपनी के कंजूमर शिकायत फोरम (कंज्यूमर ग्रिवांस रिड्रेसल फोरम) में दरख्वास्त करने के लिए आज़ाद होगा। रिटायर्ड जिला और सेशन जस्टिस इस फोरम के सदर हैं। इसमें कंजूमर और बिजली कंपनी दोनों फरीक को सुन कर सुनवाई होगी। फैसला से गैर मुतमईन होने पर वह बिहार बिजली विनायमक कमीशन के पास दरख्वास्त कर सकता है।

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