Wednesday , October 18 2017
Home / Bihar News / बिहार के आवाम में मोहब्बत का माहौल है : मुजफ्फर अली

बिहार के आवाम में मोहब्बत का माहौल है : मुजफ्फर अली

बिहार के आवाम में मोहब्बत का माहौल नज़र आ रहा है। बिहार की सरजमीं बुध और महावीर के पैगाम के साथ तरक़्क़ी की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मशहूर डॉक्टर मुजफ्फर अली ने जुमेरात को तारा मण्डल में मुनक्कीद "इंसानियत का पैगाम-सूफिज़म और गंगा

बिहार के आवाम में मोहब्बत का माहौल नज़र आ रहा है। बिहार की सरजमीं बुध और महावीर के पैगाम के साथ तरक़्क़ी की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मशहूर डॉक्टर मुजफ्फर अली ने जुमेरात को तारा मण्डल में मुनक्कीद “इंसानियत का पैगाम-सूफिज़म और गंगा जमना तहज़ीब” मौजू पर मुनक्कीद तकरीब में ये बाते कहीं। उन्होने कहा के रियासत के तरक़्क़ी के लिए ज़रूरी है के फन व सकाफ़त के जरिये मोहब्बत और भाईचारा का माहौल बनाए। उन्होने कहा कि बिहार हुकूमत की ख़्वाहिश है के रियासत हर सतह पर तरक़्क़ी करे। मुजफ्फर अली अपने मशहूर प्रोग्राम “जहां ऐ खुसरो” का सौगात पटना वालों के लिए पहली बार लेकर आए हैं।

फन और सकाफात और अम्वार नौजवान महकमा के जरिये मुनक्कीद तकरीब में मुजफ्फर अली ने कहा के बिहार की सरजमीं मुहब्बत की सरजमीं है। यहाँ हर तरह का रूहानी सिलसिला नज़र आता है। तकरीब के दौरान अपने प्रोग्राम “जहां ऐ खुसरो” पर बातचीत करते हुये उन्होने कहा के इसमें मुहब्बत के सभी रंग दिखाई देते हैं। देहली में 2001 में शुरू हुये प्रोग्राम में अब तक कई फनकार शिरकत कर चुके है। सूफी कलाम के बारे में बताते हुये उन्होने कहा के खुसरो की शायरी खुद सुपुर्दगी शायरी है। यही वजह है के प्रोग्राम के स्टेज पर कई मुमालिक के फनकार अपना प्रोग्राम पेश कर चुके हैं। उन्होने कहा के आज दुनिया को मुहब्बत की शिद्दत से ज़रूरत है। खास कर आज नौजवान नसल इसी तलाश में हैं। चारों जानिब बाज़ारियत का बोलबाला दिख रहा है। वहीं जहां ऐ खुसरो दिलों को रूहानी तसफिया का एहसास कराने में कामयाब हो रहा है।

TOPPOPULARRECENT