Wednesday , September 20 2017
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बिहार: पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की विधायकी खतरे में

पटना। तेजस्वी यादव की विधानसभा सदस्यता उपमुख्यमंत्री रहते हुए धोखाधड़ी करने के चलते खतरे में पड़ गई है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री होने के अलावा वह अभी विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं।

आयकर विभाग ने लालू प्रसाद के छोटे बेटे और तत्कालीन नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री की दिल्ली में गलत तरीके से अर्जित करोड़ों रुपए की संपत्ति मामले में धोखाधड़ी पकड़ने के बाद नोटिस भेजा है।

आयकर विभाग के अन्वेषण निदेशालय की आठ सितंबर की जांच रिपोर्ट में इसकी विस्तार से चर्चा की गई है। इसमें लालू प्रसाद के रेलमंत्री रहने के दौरान बड़े ठेके देने के खेल में कई कंपनियों की ओर से की गई गड़बडिय़ों का विवरण है।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एबी एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के पद पर कर्य करने के चलते तेजस्वी उपमुख्यमंत्री रहते दूसरे लाभ के पद पर रहे।

सौ फीसदी शेयर हासिल करने वाले तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री बनने के बाद कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दिया। वह 10 जनवरी 2012 से ही इसके डायरेक्टर थे। वह उपमुख्यमंत्री बनने के बाद भी कंपनी के निदेशक के नाते चेक जारी करते रहे।

प्रेमचंद गुप्ता के घर छापेमारी में तेजस्वी के हस्ताक्षर से जारी एक ऐसा ही चेक मिला है। ये चैक 9 फरवरी 2016 को मेसर्स ओलिव यश वी ज्वेल लिमिटेड, ओलिव ओवरसीज प्रा.लि. एवं मेसर्स नक्षत्र बिजनेस लि. को जारी किए गये थे।

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