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बिहार में आवाम: ला ऐंड आर्डर (कानून और सुव्यवस्था), बदउनवानीयों और नौकरशाही से बेज़ार

आर जे डी सरबराह लालू प्रसाद ने नितीश कुमार हुकूमत को शदीद तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि हुकूमत तमाम महाज़ों पर नाकाम हो चुकी है और अवाम रियासत में मौजूदा नाक़िस (असफल) ला ऐंड आर्डर (कानून और सुव्यवस्था), बदउनवानीयों और नौकरशाही

आर जे डी सरबराह लालू प्रसाद ने नितीश कुमार हुकूमत को शदीद तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए कहा कि हुकूमत तमाम महाज़ों पर नाकाम हो चुकी है और अवाम रियासत में मौजूदा नाक़िस (असफल) ला ऐंड आर्डर (कानून और सुव्यवस्था), बदउनवानीयों और नौकरशाही से बेज़ार हो चुके हैं।

अख़बारी नुमाइंदों ( पत्रकारों) से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार अब एक ऐसी रियासत बन चुकी है जहां ला ऐंड आर्डर का अब ख़ुदा ही हाफ़िज़ है। अवाम बदउनवानीयों से परेशान हैं और नौकरशाही से बेज़ार होकर अपने मुतालिबात मनवाने के लिए एहतिजाज ( वाद विवाद्) पर उतर आए हैं।

उन्होंने कहा कि एन डी ए ने आर जे डी हुकूमत के दौरान अवाम को ये कह कर डराया कि अगर आर जे डी हुकूमत दुबारा बरसर-ए-इक्तदार ( शासन) में आई तो रियासत में जंगल राज का बोल बाला हो जाएगा लेकिन अब क़्या है ? क्या अब जंगल राज नहीं है? क्या अवाम को झूटे दावे करके धोका नहीं दिया गया।

लालू प्रसाद ने इद्दिआ ( दावा) किया कि पंचायती राज इदारे ग़ैर कारकर्द हो चुके हैं और मर्कज़ की अहम तरीन स्कीमों जैसे MNREGA और IAY नाकामी का शिकार हो चुकी क्योंकि इन से अवाम इस्तिफ़ादा ( फायदा ) नहीं कर सके। अवाम की मेहनत की कमाई सरकारी मुलाज़मीन ( सेवक) दोनों हाथों से लौट रहे हैं और अपने बेहतरीन अपार्टमंट तामीर कर लिए हैं।

रियास्ती हुकूमत मर्कज़ी हुकूमत के आगे बेबस नज़र आ रही है और ये कहा जा रहा था कि रियासत बिहार को ख़ुसूसी रियासत का दर्जा दिया जाए लेकिन दूसरी तरफ़ जब मर्कज़ी हुकूमत ( केंद्रीय सरकार) की जानिब से फ़लाह-ओ-बहबूद और तरक़्क़ीयाती कामों के लिए ख़तीर ( ज्यादा) रक़ूमात पर मुश्तमिल फंड्स जारी किए गए तो रियास्ती हुकूमत इस से मुस्तफ़ीद (फायदा लेने वाला) नहीं हो सकी।

लालू प्रसाद ने गया और मोतीहारी में सेंटर्ल यूनीवर्सिटीज़ के लिए अवामी बेदारी मुहिम ( जागृती योजना) शुरू कर रखी है। उन्होंने बदउनवानीयों की निशानदेही करने वाली CAG रिपोर्ट पर भी कोई कार्रवाई ना करने का हुकूमत पर इल्ज़ाम आइद किया जिसकी वजह से साबिक़ टेलीकाम वज़ीर ( पूर्व संचार मंत्री) ए राजा और डी एम के एम पी कन्नी मोज़ही को 2G स्पेक्ट्रम मुआमला में मुलव्वस ( मिले) होने पर जेल की हवा खानी पड़ी थी।

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