Wednesday , October 18 2017
Home / Bihar News / बिहार में दस में से छह असातिज़ा पढ़ाने के काबिल नहीं

बिहार में दस में से छह असातिज़ा पढ़ाने के काबिल नहीं

बिहार के स्कूलों में पढ़ाने वाले बाकायदा असातिजा में करीब 57 फीसद के पास पेशेवर काबलियत नहीं है जबकि कांट्रैक्ट वाले ऐसे असातिज़ा की तादाद 58 फीसद है। इसका मतलब है कि दस में करीब छह असातिज़ा पेशेवर तौर पर पढ़ाने के काबिल नहीं हैं। रिय

बिहार के स्कूलों में पढ़ाने वाले बाकायदा असातिजा में करीब 57 फीसद के पास पेशेवर काबलियत नहीं है जबकि कांट्रैक्ट वाले ऐसे असातिज़ा की तादाद 58 फीसद है। इसका मतलब है कि दस में करीब छह असातिज़ा पेशेवर तौर पर पढ़ाने के काबिल नहीं हैं। रियासत में प्राइमरी, अपर प्राइमरी समेत दीगर तमाम तरह के स्कूलों में असातिज़ा की तादाद 4 लाख 20 हजार 912 है। इनमें से सिर्फ एक लाख 81 हजार 413 असातिज़ा ही पढ़ाने की काबिलियत रखते हैं।

मुल्क के पैमाने पर प्राइमरी स्कूलों में 20 फीसद असातिज़ा ऐसे हैं जो पढ़ाने की पेशेवर काबलियत नहीं रखते। डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन की ताजा रिपोर्ट (2013-14) के मुताबिक रियासत में प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में 42 फीसद रेग्यूलर और 41 फीसद कांट्रेक्ट खातून टीचर ही ट्रेंड हैं। प्राइवेट स्कूलों में ट्रेंड खातून टीचरों की तादाद महज़ 30 फीसद है।

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एजुकेशन प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से मुल्क भर के स्कूलों पर तैयार रिपोर्ट में चार इंडेक्स की बुनियाद पर रियासतों की रैंकिंग भी की गयी है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में पढ़ानेवाले आधे से ज्यादा टीचर ट्रेंड नहीं हैं। रेगुलर टीचरों में 48.4 फीसद, जबकि कांट्रैक्ट वाले 46.1 फीसद असातिज़ा ही ट्रेंड हैं। इस तरह कांट्रैक्ट पर तकर्रुरी करीब 54 फीसद टीचर अनट्रेंड हैं। रिपोर्ट में पेशेवर तौर पर काबलियत और असातिज़ा के तरबियत को अलग-अलग पैमाना बनाकर तालीम की हालत बतायी गयी है। क्लास एक से आठवीं तक दाखिला बच्चों की तादाद इन स्कूलों में 2 करोड़ 12 लाख 38 हजार 957 बच्चे हैं। इनमे एक करोड़ 57 हजार लड़कियां हैं।

TOPPOPULARRECENT