Friday , September 22 2017
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बिहार में ‘3 तलाक’ पर राजनीतिक बहस, जदयू-राजद खामोश

पटना: देश में इन दिनों ‘3 तलाक’ पर घमासान मचा है. अब बिहार के राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर जुबानी जंग शरू कर दिया है. कोई इसका समर्थन कर रहा है तो कोई इसका विरोध, जबकि मुस्लिम समुदाय में इसको लेकर काफी बेचैनी है. लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिकरण ने और जटिल बना दिया है. वहीं मुस्लिम समुदाय तलाक पर राजनीतिकरण के खिलाफ है.

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इनादू इंडिया के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तलाक के मुद्दे को मुसलमानों का मुद्दा बताते हुए हस्तक्षेप करने का विरोध किया था, जिसका भाजपा ने कड़ा विरोध किया. बीजेपी नेता सुशील मोदी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. क्योंकि राजद और जदयू इस मुद्दे पर खामोश हैं.

मोदी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का दम भरने वाले नीतीश कुमार को तलाक पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. तुष्टिकरण की नीति के कारण नीतीश मुसलमानों के सामने घुटने टेक दिए हैं.

जबकि राजगीर में जदयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को मुस्लिम समुदाय पर छोड़ देना चाहिए. इसमें भाजपा को पड़ने की जरुरत नहीं है. यह मामला कोर्ट और मुस्लिम समुदाय के बीच का है. इसमें किसी राजनीतिक दल को दखल नहीं देनी चाहिए. इसपर मुख्यमंत्री ने चुप्पी तोड़ते हुए देशहित में अपनी बात कही है इसपर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

गौरतलब है कि तलाक का मामला मुस्लिम महिलाओं और संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया है. लेकिन उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी राजनितिक लाभ लेने के लिए इसका राजनीतिकरण करना चाहती है. मुस्लिम महिलाओं के सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के नाम पर गुमराह करना चाहती है.

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