Thursday , August 17 2017
Home / Bihar News / बिहार में 75 लाख अहले खाना को घर नहीं, करना होगा 35 सालों तक इंतजार

बिहार में 75 लाख अहले खाना को घर नहीं, करना होगा 35 सालों तक इंतजार

पटना : बिहार में 75 लाख बेघर अहले खाना हैं। सेंटर की तरफ से अच्छे दिन का ख्वाब पूरा होने में बिहार के बेघरों को 35 सालों तक इंतजार करना होगा। अभी रियासत में 2.33 लाख इंदिरा आवास बनाने का सालाना टार्गेट है। मरकज़ी देही तरक़्क़ी वज़ीर चौधरी वीरेंद्र सिंह ने टार्गेट बढ़ाने से मना कर दिया है। रियासती हुकूमत के दरख्वास्त में मरकज़ ने इंदिरा आवास का बैकलॉग के तौर में 820 करोड़ रुपए मंजूर कर दिया है। मरकज़ी इंदिरा आवास के लिए नए माली साल से 1.50 लाख रुपए देने और मनरेगा की मजदूरी 186 रुपए करने का गौर कर रहा है। रियासती हुकूमत ने इंदिरा आवास का टार्गेट पूरा करने के लिए बीडीओ, और इंदिरा आवास एसिस्टेंट को ज़िम्मेवार बनाएगी। चार महीने हड़ताल पर रहे बर्खास्त 4 हजार इंदिरा आवास एसिस्टेंट को रियासती हुकूमत ने बहाल करने का फैसला लिया है।

10.83 लाख इंदिरा आवास आधे-अधूरे
श्रवण कुमार ने कहा कि 2020 तक बेघरों को घर देने की मरकज़ी हुकूमत की मंसूबा पर सवालिया निशान लगा है। हर साल दो-ढाई लाख रिहाइशगाह बनने पर चार सालों में बेघरों को घर का ख्वाब कैसे पूरा होगा? इस साल से इंदिरा आवास मंसूबा के तहत मरकज़ी हुकूमत ने अपना हिस्सा 75 से घटाकर 60 फीसद कर दिया है। रियासता में 12.83 लाख आधा-अधूरा इंदिरा आवासों में चालू माली साल में 2 लाख बने हैं। 28 जनवरी से तीन दिनी जायजा बैठक के बाद देही तरक़्क़ी प्रोग्राम की रफ्तार तेज होगी। डीआरडीए मुलाज़िमीन का चार महीने का बकाया तंख्वाह के लिए 40 करोड़ रुपए जल्द मंजूर होंगे।
देही तरक़्क़ी और पार्लियामानी काम वज़ीर श्रवण कुमार ने सनीचर को सहाफ़ियों को बताया कि इंदिरा आवास मंसूबा के तहत गुजिशता साल सात जिलों के लिए दूसरी किस्त और चालू माली साल में नौ जिलों के लिए पहली किस्त की रकम नहीं मिलने से मंसूबा में रुकावट थी। बैकलॉग की रकम 820 करोड़ रुपए मिल जाने से काम में तेजी आएगी। इस साल का टार्गेट हर हाल में पूरा होगा। इंदिरा आवास के फाइदा लेने वालों को 80-95 दिनों की मनरेगा की मजदूरी के एवज में रकम भी मिलेगी।

श्रवण कुमार ने कहा कि मरकज़ी हुकूमत मनरेगा के तहत 162 रुपए मजदूरी दे रही है, जबकि बिहार सरकार 177 रुपए मजदूरी दे रही है। अप्रैल से मरकज़ी हुकूमत 186 रुपए मजदूरी करने पर गौर कर रही है। ज़्यादातर रियासतों ने खेतिहर मजदूरों को मुकर्रर मजदूरी मनरेगा मजदूरों को देने की मांग की है। इस पर मरकज़ी सरकार ने मंजूरी जताई है। मरकज़ी हुकूमत की तरफ से मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के बाद बिहार में भी मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ने की इमकान है।

 

TOPPOPULARRECENT