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बिहार: सीमांचल में उर्दू की बदहाली, टीईटी पास सैकड़ों उम्मीदवार खाक छान्ने पर मजबूर

पुर्णिया: सीमांचल के चारों जिलों विशेषकर अररिया,पुर्णिया और किशनगंज में उर्दू दां आबादी की भारी संख्या है मगर उर्दू की पदोन्नति विकास तो दूर इसके जायज़ अधिकार भी छीना जा रहा है सरकारी आंकड़ो के अनुसार जिला अररिया में अभी भी लगभग 350 पद उर्दू का खाली है यानी 350 सरकारी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में उर्दू की सिरे से पाठन ही नहीं हो रहा हे बाकी ऐसे सैकड़ों सरकारी स्कूल है जहां उर्दू छात्रों की बड़ी संख्या मौजूद है मगर वहां उर्दू विषय का शिक्षक नहीं है.

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हालांकि बिहार में जनरल शिक्षकों की बहाली पिछले 10 वर्षों से लगातार हो रही है जबकि उर्दू के हजारों पद को देखते हुए बिहार सरकार ने टीईटी परीक्षा के जरिए उर्दू शिक्षकों की भी बहाली पिछले दो साल से कर रही है मगर फिर भी उर्दू शिक्षकों के सैकड़ों पद और सैकड़ों स्कूल उर्दू शिक्षक से वंचित हैं.
प्राप्त आंकड़ो के अनुसार दरअसल आरक्षण रोस्टर में जनरल ‘महिलाओं sc और st के पुरुषों और महिलाओं के लिए सैकड़ों पद आवंटित है चूंकि जनरल महिला उम्मीदवार शिक्षकं बनने की पात्रता परीक्षा में इतनी संख्या में सफल नहीं हुवी हैं जितनी सीटें इन के लिए आरक्षित हैं, इसी तरह एस सी और एसटी वर्ग के श्रेणी की सीटें भी खाली है,

का़बिले गौर पहलू यह है कि शिक्षकों के पद के लिए जिले के हेडमास्टर ‘पंचायत व ब्लाक नियोजन इकाई डी पी ओ को सिफारिश भेजती है लेकिन आश्चर्य की बात है कि पूरे सीमांचल में बराए नाम एस सी और एसटी वर्ग की आबादी है बावजूद इसके चारों जिलों अररिया ‘पूर्णिया’ किशनगंज और कटिहार में इस वर्ग के लिए उनके जनसंख्या के अनुपात से अधिक सीटें आवंटित है यही कारण है कि उर्दू के शिक्षकों के नियोजन के लिए तीन कैम्प का आयोजन हो चुका है मगर उर्दू शिक्षकों के पद ख़ाली हैं और उम्मीदवार सड़कों की खाक छान्ने पर मजबूर हैं .
जानकारी के अनुसार केवल अररिया जिले में कुल 350 पद खाली हैं, जिनमें अधिकांश एस सी और एसटी वर्ग के लिए आवंटित उर्दू बेसिक ग्रेड के लिए 75 ‘एसटी 5 आवंटित है जबकि एस सी महिलाओं के लिए 81 और एसटी महिलाओं के लिए आरक्षित है, जबकि मध्य पार्टी 6 से 8 तक के लिए एससी के लिए आठ एस सी महिलाओं को आठ और एसटी महिलाओं के लिए एक अदद पद आवंटित है.

इसके अलावा पड़ोसी जिले किशनगंज जो उर्दू आबादी वाला जिला है यहां के सरकारी पराएमरी और मिडिल स्कूलों की हालत भी चौंकाने वाला है सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां उर्दू शिक्षकों की कुल स्वीकृत पद लगभग पांच सौ था जिसमें लगभग 300 पदों पर नियोजन हुवा है शेष पद खाली पड़ा है स्पष्ट हो कि वे सभी खाली पद sc और st श्रेणी का है जबकि उर्दू शिक्षकों के सैकड़ों उम्मीदवार वहाँ भी नियोजन से वंचित हैं वह शिक्षा विभाग से आगामी नियेजन के लिए पुर उम्मीद हैं
Report, Abdul ghani

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