Thursday , October 19 2017
Home / Featured News / बीजेपी का दावा गलत, कैराना में मुस्लिम भी घर छोड़ने को हो रहे हैं मजबूर

बीजेपी का दावा गलत, कैराना में मुस्लिम भी घर छोड़ने को हो रहे हैं मजबूर

शामली । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दूसरे समुदाय के ‘अपराधियों के डर से’ 250 हिंदू परिवारों द्वारा कैराना छोड़ने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश को नोटिस भेजा है। अब पता चला है कि सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले शामली जिले में भी केवल ही मुस्लिम इलाकों को छोड़कर दूसरी जगह नहीं जा रहे हैं, बल्कि मुस्लिम भी हिंदू इलाकों से पलायन कर रहे हैं। दोनों ही संप्रदायों के लोग एक-दूसरे के ‘इलाकों’ को छोड़कर जा रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि यहां धार्मिक आधार पर अलग-अलग बस्तियां बस रही हैं।

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

दंगे में बेघर हुए मुस्लिम परिवारों के लिए काम करने वाले NGO अस्तित्व की निदेशक रिहाना अदीब ने बताया, ‘मुस्लिम बहुल इलाकों को जहां हिंदू छोड़कर जा रहे हैं और हिंदू बहुल इलाकों से मुस्लिम परिवार पलायन कर रहे हैं।’ इस दावे की जांच के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया ने शामिली के कंधाला इलाके की जन्नत कॉलोनी का दौरा किया। दूसरे इलाकों से पलायन कर यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार रह रहे हैं।

यहां रह रहे मुहम्मद अयूब ने कहा, ‘हमें अपने खिलाफ बहुत नफरत महसूस होती थी। ऐसे खराब माहौल के कारण हमें हमारा घर और गांव छोड़कर कंधाला आने के लिए मजबूर होना पड़ा।’ अयूब की शिकायतें ऐसी ही हैं, जैसी मुस्लिम बहुल इलाकों से पलायन कर गए हिंदू परिवारों की है। एक अन्य NGO अफकार इंडिया फाउंडेशन के अकरम अख्तर ने बताया, ‘हमारे पास 1,000 ऐसे मुस्लिम परिवारों की सूची है जो पिछले 3 साल में अपना पुश्तैनी गांव छोड़कर मुजफ्फरनगर, शामली और बागपत जिलों के मुस्लिम बहुल इलाकों में चले गए हैं।

TOPPOPULARRECENT