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बेकसूरों को रिहा करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए जमीअत उलेमा ने की आवाज बुलंद

मालेगांव: मौलाना महमूद मदनी मालेगांव में राष्ट्रीय एकजुटता इजलास से खिताब करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता भारतीय धर्मनिरपेक्षता की भावना से देश और राष्ट्रीय मुद्दों के समाधान किए जा सकते हैं. मुसलमान एकजुट होकर शरीयत मोहम्मदी में हस्तक्षेप को विफल बनाएं.
वहीँ हाफिज नदीम सिद्दीकी ने कहा कि देश भर में जमीअत उलेमा नशा, और अश्लीलता के खिलाफ आंदोलन चलाएगी. आज देश में साम्प्रदायिक शक्तियां गलत प्रचार करके मुसलमानों और इस्लाम को बदनाम करने की साजिश रच रही है उनकी इस तरह की हरकतों से मुसलमानों का कम और देश का नुकसान अधिक होगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता हमारे देश की लोकतंत्र की आत्मा है जिसकी वजह से हम अपने और देश के समस्यायों का समाधान सकते हैं. और मुसलमानों को स्थिति बदलना है तो अल्लाह से डरने वाले बन जाएँ स्वतः हालात बदल जाएंगे. हमें अपने आप को, अपने चरित्र और कार्यों को बदलने की जरूरत है.

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बसीरत ऑन लाइन के अनुसार, महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मालेगांव बस्ती में आयोजित जमीअत उलेमा के एकजुटता बैठक से देश में राष्ट्रीय एकता के अलमबरदार जमीअत उलेमा हिंद के महासचिव मौलाना सैयद महमूद मदनी ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि हम सब आदम की औलाद हैं आपस में भाई भाई हैं हिन्दू मुस्लिम हो या सिख ईसाई कोई भी धर्म नफरत और आतंकवाद की शिक्षा नहीं देता. आज हमारा देश बहुत ही नाजुक हालात से गज आर रहा है ऐसे में देश में भाईचारे और राष्ट्रीय एकजुटता की सख्त जरूरत है, लेकिन सत्ता पर बैठे लोग मुसलमानों के धार्मिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं. शरियत में और समान नागरिक संहिता के नाम पर मुसलमानों को डराया जा रहा है लेकिन हुकूमत सुन ले कि जमीअत उलेमा मुसलमानों के धार्मिक मामलों में किसी भी तरह की आंच नहीं आने देगी.

बैठक की अध्यक्षता जमीअत उलेमा महाराष्ट्र के अध्यक्ष मौलाना नदीम सिद्दीकी ने की अपने संबोधन में उन्होंने ने मौजूदा दौर में जमीअत उलेमा की जरूरत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुसलमानों ने इस देश की आजादी के लिए जितना खून बहाया है देशवासियों ने तो इतना पसीना नहीं बहाया, उन्होंने कहा कि जमीअत उलमा एक आंदोलन का नाम है जिसके झंडे तले मज़लूमों, तबाह और परेशानी से पीड़ित लोगों की मदद और उन्हें हिम्मत और हौसला देने की कोशस करती है.

जमीअत उलेमा हिन्द ने राष्ट्रव्यापी पैमाने पर नशा विरोधी अभियान शुरू की हे. मुफ्ती हुजेफा कासमी ने कहा कि दुनिया जितना इस्लाम से डरती है उतना परमाणु बम से भी नहीं डरती इसीलिए इस्लाम दुश्मन ताक़तें डर कर इस्लाम की जड़ों को कमज़ोर करने की साज़िशें कर रही हैं हमें इन सांप्रदायिक शक्तियों से डरने की कोई जरूरत नहीं बस हम इस्लाम के आधार पर एकजुट हो जाएं और जमीअत का साथ दें कोई शक्ति हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

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