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बेक़सूर मुस्लिम नौजवानों की रिहाई के ऐलान पर चिदम़्बरम परेशान

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने रियास्ती हुकूमतों को मुश्तबा दहश्तगर्दों को तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करने के ख़िलाफ़ ख़बरदार किया, जिस की बुनियाद क़ाइदीन से क़ुरबत हो और जो मज़हब की बुनियाद पर फ़राहम की जाए। इन्होंने कहा कि इससे दाख़िली

मर्कज़ी वज़ीर-ए-दाख़िला पी चिदम़्बरम ने रियास्ती हुकूमतों को मुश्तबा दहश्तगर्दों को तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करने के ख़िलाफ़ ख़बरदार किया, जिस की बुनियाद क़ाइदीन से क़ुरबत हो और जो मज़हब की बुनियाद पर फ़राहम की जाए। इन्होंने कहा कि इससे दाख़िली सलामती की एहमीयत मुतास्सिर हो सकती है। इनका ये ब्यान चीफ़ मिनिस्टर यूपी अखिलेश यादव की जानिब से इस ऐलान के एक दिन बाद सामने आया कि इन की हुकूमत मुस्लिम नौजवानों को जिन्हें दहश्तगर्दी के झूटे मुक़द्दमात में फंसाया गया है, रिहा कर देगी।

दाख़िली सलामती के मौज़ू पर चीफ़ मिनिस्टर्स कान्फ्रेंस में ख़िताब के दौरान चिदम़्बरम ने कहा कि ये परेशानी की बात है कि मुट्ठी भर अफ्राद ऐसे अफ्राद की ताईद के लिए आगे आते हैं जिन्हें तफ्तीश के लिए हिरासत में लिया गया हो या इल्ज़ामात आइद किए गए हों और गिरफ़्तार किया गया हो। चिदम़्बरम ने कहा कि ऐसी ताईद की कोई वाज़िह वजह नहीं है सिवाए उसकी के मज़हबी या फ़िर्कावाराना क़ुरबत हो।

इन्होंने ख़बरदार किया कि ये ख़तरनाक रुजहान है और तहक़ीक़ाती महकमों की ज़िम्मेदारी को मुश्किल बना देता है। हुकूमत यू पी समझा जाता जहै कि 2007 के लखनऊ और फ़ैज़ाबाद अदालत के सिलसिला वार बम धमाकों के इल्ज़ामात से दस्तबरदारी के लिए क़ानूनी राय तलब कर चुकी है। चीफ़ सेक्रेटरी यू पी ने मुबय्यना तौर पर नफ़ाज़ क़ानून महकमा से ख़ाहिश की है कि तारिक़ क़ासिमी और ख़ालिद मुजाहिद के मुक़द्दमात का अज़सर नौ जायज़ा लिया जाए।

दोनों मुबय्यना तौर पर हूजी के कारकुन हैं, जिन्हें यू पी स्पेशल टास्क फ़ोर्स ने बाराबंकी से गिरफ़्तार किया था। पुलिस का दावा है कि इनके क़ब्ज़ा से एक किलो आर डी एक्स और धमाको माद्दे ज़ब्त किए गए थे।

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