Monday , October 23 2017
Home / India / बेजा ख़ुद एतेमादी बी जे पी के लिए इंतेख़ाबात में नुक़्सानदेह

बेजा ख़ुद एतेमादी बी जे पी के लिए इंतेख़ाबात में नुक़्सानदेह

नरेंद्र मोदी ज़ेर-ए-क़ियादत बी जे पी लोक सभा इंतेख़ाबात में बेजा ख़ुदएतेमादी की वजह से नुक़्सान उठाने का इमकान है। जैसा कि 2004 में इंडिया शाइनिंग का नारा दे कर इंतेख़ाबी नुक़्सानात उठा चुकी है। बी जे पी की मौजूदा इंतेख़ाबी मुहिम भी 2004

नरेंद्र मोदी ज़ेर-ए-क़ियादत बी जे पी लोक सभा इंतेख़ाबात में बेजा ख़ुदएतेमादी की वजह से नुक़्सान उठाने का इमकान है। जैसा कि 2004 में इंडिया शाइनिंग का नारा दे कर इंतेख़ाबी नुक़्सानात उठा चुकी है। बी जे पी की मौजूदा इंतेख़ाबी मुहिम भी 2004 के ख़ुतूत पर ही चलाई जा रही है। एन सी पी के सरबराह-ओ-मर्कज़ी वज़ीर-ए-ज़राअत शरद पवार ने जो कांग्रेस ज़ेर-ए-क़ियादत यू पी ए के एक नुमायां क़ाइद हैं, कहा कि उनके ख़्याल में बी जे पी आला सतही इंतेख़ाबी मुहिम के बावजूद सादा अक्सरीयत के क़रीब भी नहीं पहुंच सकेगी।

उन्होंने तजवीज़ पेश की कि कांग्रेस को एक एसे वक़्त मोदी ज़ेर-ए-क़ियादत बी जे पी अवाम तक रब्त पैदा करने के लिए जद्द-ओ-जहद में मसरूफ़ है, ज़्यादा सरगर्म होजाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यू पी ए की कलीदी पार्टी है। उन्होंने ये तबसरा उस वक़्त किया जब उन से सवाल किया गया था कि यू पी ए अहम अपोज़िशन पार्टी और इस के क़ाइद के इंतेख़ाबी चैलेंज‌ का सामना कैसे करेगी।

उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ़ इस्तिहकाम की फ़िक्र है। उनसे सवाल किया गया था कि माबाद इंतेख़ाबात सियासी मंज़र नामा 1996 के इंतेख़ाबात के बाद के सियासी मंज़र नामे के मुमासिल तो नहीं होगा जबकि बी जे पी वाहिद सब से बड़ी पार्टी बन कर उभरी थी लेकिन उस की हुकूमत सिर्फ़ 13 दिन क़ायम रह सकी।

मोदी लहर के इमकानात को खारिज‌ करते हुए पवार ने कहा कि उनके ख़्याल में ये एक ही शख़्स की मुहिम है और वो अहम अपोज़िशन पार्टी की ताईद में माहौल पैदा करने में कामयाब होगए हैं। लेकिन उन्हें अंदेशा है कि उनकी ये कामयाबी बेजा ख़ुद एतेमादी की वजह से मसख़ होसकती है।

उन्होंने 2004 के हवाले से कहा कि बी जे पी को कद्दावर शख़्सियत जैसे अटल बिहारी वाजपाई की क़ियादत के बावजूद नाकामी हुई थी। बी जे पी अपने अच्छे एहसास और इंडिया शाइनिंग के नारे का ख़ुद ही शिकार होगई थी। वो मनमोहन सिंह को बहैसीयत वज़ीर-ए-आज़म देखने का तसव्वुर भी नहीं करसकती थी।

मुअल्लक़ इंतेख़ाबी नताइज की सूरत में वज़ारत-ए-उज़मा के लिए उनके इंतेख़ाब की क़ियास आराईयों के बारे में शरद पवार ने कहा कि पार्टी 513 रुकनी लोक सभा में जुमला 21 नशिस्तों पर जिन में से 21 नशिस्तें महाराष्ट्र की हैं, मुक़ाबला कररही है। ये नामाक़ूल सियासत होगी कि में चांद को पाने की ख़ाहिश करूं जबकि मेरी ताक़त इंतेहाई महिदूद है।

उन्होंने इन सवालात का जवाब देने से साफ़ इनकार कर दिया कि मोदी वज़ीर-ए-आज़म कैसे बनेंगे? उन्होंने कहा कि अभी अफ़राद के बारे में बात करना नामुनासिब है। उन्होंने कहा कि वो मोदी से देरीना वक़फियत रखते हैं और उन्हें यक़ीन नहीं है कि क्या इन में वज़ीर-ए-आज़म बनने की सलाहीयत भी मौजूद है।

उन्होंने आइन्दा इंतेख़ाबात को उजागर करते हुए कहा कि पहली बार किसी शख़्स को विज़ारत-ए-उज़मा का उम्मीदवार बनाकर पेश किया जा रहा है और ये भी पहली बार है कि एसे उम्मीदवार की तक़रीरें अवाम के लिए मुल्क गीर सतह पर दस्तयाब हैं क्योंकि इन का रास्त नशरिया किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वुज़राए आज़म भी इतने ख़ुशकिसमत नहीं थे। ज़राए इबलाग़ का इंतेज़ामीया बड़ी शिद्दत के साथ मोदी को फ़रोग़ दे रहा है। शरद पवार ने तबसरा किया कि उन्हें यक़ीन नहीं है कि गैरकांग्रेसी और ग़ैर बी जे पी हुकूमत इंतेख़ाबात के बाद मर्कज़ में क़ायम होसकेगी। इस से ज़्यादा उन्हें एसी किसी हुकूमत के क़ियाम की सूरत में इस के बक़ा के बारे में शकूक-ओ-शुबहात हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा इंतेज़ाम सिर्फ़ आरिज़ी इंतेज़ाम होता है और बाहर से ताईद फ़राहम करनेवाली कोई भी पार्टी इसे ज़वालपज़ीर करसकती है चाहे वो कांग्रेस हो या बी जे पी, सियासी एतबार से उनके लिए जब भी मुनासिब हो वो एसी हुकूमत को ज़वालपज़ीर करसकते हैं।

एक बात यक़ीनी है कि कई मुक़ामात पर टोपियां पहने हुए अवाम ज़्यादा नज़र आरहे हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वो यू पी ए में हैं और यू पी ए में ही रहेंगे। एन सी पी यू पी ए में दूसरी सब से बड़ी पार्टी है क्योंकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और डी एम के ने यू पी ए से क़ता तअल्लुक़ करलिया है।

इंतेख़ाबात के बाद उनके इमकानी किरदार के बारे में सवाल पर पवार ने मज़ाहीया अंदाज़ में कहा कि 50 साल की इंतेख़ाबी सियासत के बाद वो अब राज्य सभा में पहूंच गए हैं और चाहते हैं कि अब आराम करें। उन्होंने कहा कि उन्हें यू पी ए में मुख़्तलिफ़ पार्टीयों के दरमयान हम आहंगी पर ख़ुशी होगी।

TOPPOPULARRECENT