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बैंक की तिजोरी काट कर चुराये 44.5 लाख रुपये

छठ की छुट्टी में चोरों ने बिहटा के बाजार समिति अहाते में वाक़ेय भारतीय स्टेट बैंक की एएमवाइ शाख का सेफ (तिजोरी) काट कर 44.50 लाख नकद और 750 ग्राम सोना चुरा लिया। इसकी इत्तिला बैंक के शाख मैनेजर और दीगर अहलकारों को तब हुई, जब तीन दिनों की छुट

छठ की छुट्टी में चोरों ने बिहटा के बाजार समिति अहाते में वाक़ेय भारतीय स्टेट बैंक की एएमवाइ शाख का सेफ (तिजोरी) काट कर 44.50 लाख नकद और 750 ग्राम सोना चुरा लिया। इसकी इत्तिला बैंक के शाख मैनेजर और दीगर अहलकारों को तब हुई, जब तीन दिनों की छुट्टी के बाद वे पीर की सुबह करीब 9:15 बजे बैंक पहुंचे। वाकिया की इत्तिला पाते ही दानापुर के एएसपी सुशांत कुमार सरोज ने ज़ाये हादसा पर पहुंचे और तफ़शिश शुरू की।

बताया जाता है कि बैंक का आखिरी वर्क डे जुमेरात को था। जुमा और सनीचर को छठ की छुट्टी थी। पीर को जब शाख मैनेजर बैंक पहुंचे, तो ग्रिल का ताला कटा पाया। इसके बाद जैसे ही वह अंदर गये, तो वहां की तस्वीर देख कर उनके होश उड़ गये। सेफ का मेन दरवाजा खुला हुआ था। वहां पर एक ऑक्सीजन सिलिंडर और एक छोटा गैस सिलिंडर पड़े हुए थे। अंदर बोल्ट को गैस कटर से काट कर उसमें रखे गये करीब 44 लाख 49 हजार 700 रुपये और एग्रिकल्चर गोल्ड लोन का तकरीबन 750 ग्राम सोना गायब था। छानबीन के दौरान बैंक की खिड़की कटी हुई मिली, जिससे चोर अंदर दाखिल हुए थे। पुलिस ने ज़ाये हादसा से दो सीढ़ियां (एक बाहर व दूसरी अंदर थी), दो सिलिंडर, गैस कटर, स्क्रूप ड्राइवर, देसी शराब के खाली पाउच, टूटा ताला और दीगर समान बरामद किया है। शाख मैनेजर राजीव कुमार ने बताया कि वह तकरीबन एक सप्ताह से पटना में ज़ाती महकमा के ट्रेनिंग में थे। शाख का इंचार्ज एकाउंटेंट विनय कुमार सिन्हा के जिम्मे था।

फिंगरप्रिंट के नमून लिये गये
वाकिया की खबर लगते ही स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर बीके शाही, एसआइ रंजीत कुमार और अमलेश पासवान, समेत फिंगरप्रिंट और फोटो ब्यूरो के अफसर जयंत कुमार और शाहनवाज अनवर जांच के लिए पहुंचे। शाहनवाज अनवर ने बताया कि कई जगहों से फिंगरप्रिंट के नमूने लिये गये हैं। जांच के बाद ही मामला वाजेह हो पायेगा। वहीं स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन ए सिद्दीकी, सिक्योरिटी ऑफिसर कैप्टन वर्मा समेत दीगर अफसरों ने ज़ाये हादसा पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली। थाना इंचार्ज आरके शर्मा ने गिरोह की तरफ से वाकिया को अंजाम देने की बात कही।

इस शाख की शुरुआत बाजार समिति के इमारत में ही 1980 में हुई थी। तब से आज तक यहां ऐसी वारदात नहीं हुई थी। शाख में तीन अफसर, चार शरीक अफसर, दो मैसेंजर समेत कुल नौ स्टॉफ काम करते हैं।

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