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बैंक से पैसे नहीं मिले तो आरबीआई गवर्नर के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायक

भरतपुर। बैंक से पैसे नहीं निकाल पाने से नाराज कांग्रेस विधायक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंच गए। भरतपुर के दिग कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विश्वेंद्र सिंह ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी) बैंक की लाइन में खड़े हुए, लेकिन जब उनकी बारी आई तो बैंक के सहायक प्रबंधक ने कहा कि बैंक में पैसे खत्म हो गए हैं, लिहाजा उन्हें पैसे नहीं मिल सकते हैं। इससे नाराज विधायक थाने पहूंच गये और रिजर्व बैंक गर्वनर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे।

मजिस्ट्रेट द्वारा मामला केंद्र सरकार के कर्मी का होने की वजह से केंद्र की मंजूरी की बात कहने पर विधायक जिला न्यायाधीश के पास पहुंच गए। अब जिला न्यायाधीश को यह फैसला करना है कि आरबीआई गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो या नहीं। विधायक विश्वेंद्र सिंह की याचिका पर 16 दिसंबर को भरतपुर के जिला न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन शर्मा यह फैसला सुनाएंगे कि आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के खिलाफ मुकदमा दायर हो या नहीं।

सिंह के वकील श्रीनाथ शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल नोटबंदी के बाद अपने खाते से पैसे निकालने के लिए भरतपुर स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स (ओबीसी) की यूआईटी शाखा में गए थे। वे लाइन में खड़े हुए, लेकिन जब उनकी बारी आई तो बैंक के सहायक प्रबंधक ने कहा कि बैंक में पैसे खत्म हो गए हैं, लिहाजा उन्हें पैसे नहीं मिल सकते हैं। शर्मा ने बताया कि उनके मुवक्किल ने अपने खाते से 10,000 रुपये देने की मांग बैंक से की थी।सरकार के निर्देश के मुताबिक कोई खाताधारक सप्ताह में 24 हजार रुपये तक निकाल सकता है, लेकिन उनके मुवक्किल को 10 हजार रुपये देने से इनकार कर दिया गया और वापस लौटा दिया गया।

लिहाजा उनके मुवक्किल बैंक के सहायक मैनेजर व आरबीआई गवर्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने भरतपुर स्थित थाना मथुरा गेट पहुंच गए। शर्मा के मुताबिक थानेदार ने कहा कि पहले वह मामले की जांच करेंगे, फिर मुकदमा दर्ज करेंगे।

इसके बाद उन्होंने निचली अदालत से मुकदमा दर्ज करने के आदेश देने की गुजारिश की। मामले की सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने फैसले में कहा कि चूंकि मामला केंद्र सरकार के कर्मचारी से जुड़ा है, इसलिए मुकदमा दर्ज करने के लिए केंद्र के अभियोजन की स्वीकृति जरूरी है। शर्मा ने बताया कि बैंक के कर्मचारी केंद्र सरकार के अधीन नहीं आते हैं, इसलिए उन्होंने मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए जिला न्यायाधीश के यहां गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि धारा 166, 406, 409, 420 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज करने की गुजारिश की गई है।

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