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बैकफुट पर आरएसएस, आरक्षण पर वैद्य के बयान को बताया निजी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रवक्ता मनमोहन वैद्य के आरक्षण संबंधी बयान पर घिरा संगठन अब डैमेज कंट्रोल में जुटा हुआ है। संघ के संयुक्त महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि वो बयान उनकी निजी राय थी। होसबोले ने कहा कि वैद्य के बयान पर विवाद पैदा किए जाने की कोशिश की वो कड़ी निंदा करते हैं। मैंने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने वैद्य के दिए बयान पर सफाई दे दी है। संघ उनके विचारों से सहमतन हीं है।

कहा कि संघ का पक्ष स्पष्ट है कि SC,ST और ओबीसी को संविधान की ओर से दिया गया आरक्षण जारी रहना चाहिए। आरएसएस प्रवक्ता मनमोहन वैद्य ने शुक्रवार को कहा था कि आरक्षण पूरी तरह खत्म कर दिया जाना चाहिए। जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘आरक्षण के नाम पर सालों तक लोगों को अलग करके रखा गया, इसे खत्म करने की जिम्मेदारी हमारी है।

कहा था कि सभी को साथ लाने के लिए आरक्षण खत्म करना होगा। आरक्षण से अलगाववाद को बढ़ावा मिलता है इसलिए आरक्षण के बजाय अवसर को बढ़ावा देना चाहिए। वहीं मनमोहन वैद्य के बयान पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके लिए माफी मांगें।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘बीजेपी और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता एक बार फिर बेनकाब हुई है। इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा।’

वहीं, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी बयान पर सवाल उठाए और कहा कि आरक्षण के विरोध में वैद्य ने जो बयान दिया है उसका जवाब बीजेपी यूपी में चुनाव हराकर दिया जाएगा। यूपी में दलितों को मुख्य चेहरा कही जाने वाली बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी इसकी निंदा की और कहा कि संघ को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘आरएसएस को संविधान और देशहित में अपनी गलत और जातिवादी मानसिकता में बदलाव करने की सख्त जरूरत है।’

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