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बैकों ने फिर शुरु की एटीएम और डेबिट कार्ड पर चार्ज

नई दिल्ली। नोटबंदी के 50 दिन बाद जनता को उम्मीद थी कि सरकार उन्हें थोड़ी राहत देगी लेकिन इस पर पानी फिर गया। लोगों को उम्मीद थी कि सरकार एटीएम और डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन पर लगने वाले चार्ज को कुछ समय के लिए और माफ करेगी लेकिन ऐसा न होने से अब उनमें गुस्सा है। एनसीआर कॉरपोरेशन के एमडी नवरोज दस्तूर ने कहा, ‘इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि एटीएम ट्रांजेक्शन पर लगने वाली फीस 31 दिसंबर के बाद भी नहीं ली जाएगी लेकिन आरबीआई की चुप्पी से लोगों में निराशा है।’

उन्होंने कहा कि नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद आरबीआई की ओर से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य कामों के लिए नए नियम बताए गए लेकिन ट्रांजेक्शन फीस पर खामोशी का मतलब है कि बैंक अब एटीएम ट्रांजेक्शन पर चार्ज वसूलेंगे

एटीएम से कैश निकालने पर शुरुआती पांच ट्रांजेक्शन मुफ्त होंगे लेकिन इसके बाद बैंक के नियम और कार्ड की कैटेगरी के आधार पर ग्राहकों को ट्रांजेक्शन फीस चुकानी पड़ेगी। ऐसे चार्ज को लेकर बैंक पहले ही कस्टमर से एग्रीमेंट करवा लेते हैं। ट्रांजेक्शन प्रॉसेसिंस और एटीएम सर्विस FSS के अध्यक्ष वी. बालासुब्रमण्यम ने बताया कि नोटबंदी के पहले कई बैंक प्रीमियम ग्राहकों से ट्रांजेक्शन फीस नहीं लेते थे। नोटबंदी से पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और ICICI बैंक हर ट्रांजेक्शन पर 15 रुपये चार्ज करते थे।

इसके पीछे वजह यह भी थी कि इनका नेटवर्क बड़ा है और ग्राहक भी ज्यादा हैं। इनके अलावा ज्यादातर बैंक प्रति ट्रांजेक्शन पर 20 रुपये चार्ज करते थे। बालासुब्रमण्यम ने कहा, ‘कैश फ्री में उपलब्ध नहीं है। केवल 20 फीसदी एटीएम की काम कर रहे हैं। सरकार को डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए इसे सब्सिडी से जोड़ना होगा। डिजिटल मोड को अपनाने से ग्राहकों पर जबरन अतिरिक्त भार बढ़ेगा ऐसे में वह अकेले क्यों इसे भरे। सरकार को इसमें मदद करनी चाहिए।’

8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा होने के बाद सरकार ने ऐलान किया था कि डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर 31 दिसंबर तक किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने यह शिकायत की कि ज्वेलर्स और कपड़ों के रीटेलर उनसे कार्ड पर ट्रांजेक्शन चार्ज ले रहे हैं। नए साल पर आरबीआई ने कहा कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) 1000 रुपये पर 0.5 फीसदी और 2000 रुपये पर 0.25 फीसदी फिक्स कर दिया गया है।

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