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ब्रह्मोस की आइन्दा 20 साल तक मुज़ाहमत नामुमकिन

नई दिल्ली । 18 । जून (पी टी आई) दुनिया का वाहिद आवाज़ से ज़्यादा तेज़ रफ़्तार क्रूज़ मीज़ाईल जो हिंदूस्तान की फ़ौजी महारत का सबूत भी है, आइन्दा 20 साल तक नाक़ाबिल मुज़ाहमत क़रार दिया गया है और एसा किसी और ने नहीं बल्कि बाबाए ब्रह्मोस ने ख़ुद दिय

नई दिल्ली । 18 । जून (पी टी आई) दुनिया का वाहिद आवाज़ से ज़्यादा तेज़ रफ़्तार क्रूज़ मीज़ाईल जो हिंदूस्तान की फ़ौजी महारत का सबूत भी है, आइन्दा 20 साल तक नाक़ाबिल मुज़ाहमत क़रार दिया गया है और एसा किसी और ने नहीं बल्कि बाबाए ब्रह्मोस ने ख़ुद दिया है।

हिन्दुस्तान और रूसी मुशतर्का जद्द-ओ-जहद का नतीजा ब्रह्मोस लासानी है। साईंसदाँ-ओ-सी ई ओ-ओ-एम डी ब्रह्मोस अरो स्पेस ने सिवा थाणो प्ले ने मीज़ाईल के बारे में अपने तास्सुरात का इज़हार करते हुए कहा कि उसकी मीज़ाईल टेक्नालोजी 10 कलीदी और मुनफ़रद तेज़ रफ़्तार टेक्नालोजियों में से एक है और हिन्दुस्तान की नौजवानों की ताक़त ने एक ज़्यादा महफ़ूज़ और अज़ीम तर मुस्तक़बिल इस मीज़ाईल की शक्ल में हिन्दुस्तान को दिया है।

एक नई किताब में जो सेवाथाणो प्ले और साबिक़ सदर ए पी जे अब्दुलक‌लाम की मुशतर्का तसनीफ़ है जिसका उनवान तग़य्युर के अफ़्क़ार, हम एसा करसकते हैं में नामवर साईंसदाँ ने कहा कि हिन्दुस्तान के नौजवानों ने अपनी क़दीम साईंसी ज़हानत का एहया-ए-करते हुए इस कारनामे की अंजाम दही का बीड़ा उठाया था और हिन्दुस्तान केलिए एक महफ़ूज़ तर और अज़ीम तर मुस्तक़बिल तामीर किया है।

उन्होंने कहा कि हमें इस हक़ीक़त पर फ़ख़र है कि ब्रह्मोस दुनिया का वाहिद आवाज़ से ज़्यादा तेज़ रफ़्तार क्रूज़ मीज़ाईल है और हिंद।रूस तआवुन की अलामत है। हिन्दुस्तान ने रहनुमाई और टेक्नालोजी का इल्म , सॉफ्टवेर और फ़िज़ाई चौखटे के अजज़ा वगैरह फ़राहम किए ।हिन्दुस्तानी बहरीया और हिन्दुस्तानी फ़ौज ने मुशतर्का तौर पर हिन्दुस्तानी फ़िज़ाईयो को चंद साल की मुद्दत में ये मीज़ाईल तय्यार कर के हिन्दुस्तानी फ़िज़ाईयो को एक मुनफ़रद तोहफ़ा दिया है ।

ब्रह्मोस मीज़ाईल हिन्दुस्तानी डी आर डी ओ और रूसी एन पी ओ की दिफ़ाई शराकतदारी का नतीजा है। ये मोहलिक क्रूज़ मीज़ाईल है जिस का दायराकार 290 किलोमीटर है और ये 2.8 से 3 एम ए सी एच की रफ़्तार से सफ़र करसकता है । नाम ब्रह्मोस दो दरयाओ हिन्दुस्तान की ब्रह्मपुत्र और रूसी दरिया मासिकवा को मिलाकर रखा गया है।

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