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ब्रिटिश सभापति ने कहा, मैं नहीं चाहता कि ट्रंप आकर हाउस ऑफ कॉमन्स को संबोधित करें

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के राजकीय यात्रा को रद्द करने के लिए ऑनलाइन याचिका अभियान चलाया जा रहा है। सात मुस्लिम देशों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बाद ब्रिटन समेत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रंप के खिला आवाजे उठ रही है। इसी बीच ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बेरकोव ने कहा है कि राजकीय यात्रा पर ट्रंप का संसद को संबोधित करने के लिए उनका स्वागत नहीं किया जाना चाहिए।

नाटकीय तरीके से हस्तक्षेप करते हुए जॉन बेरकोव ने कहा कि वह इस बात को पुरजोर विरोध करते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप आकर हाउस ऑफ कॉमन्स में बोलें। उन्होंने सांसदों से कहा कि प्रवासी प्रतिबंध के बाद मैं दृढ़ता से इस बात का विरोध करता हूं कि ट्रंप आकर संसद को संबोधित करें। उनके इस विरोध के बाद सांसदों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।

सभापति ने कहा, “हम संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारे संबंधों को महत्व देते हैं। जब कोई राजकीय यात्रा आता है तो वो अध्यक्ष के दायरे से बाहर और ऊपर होता है। हालांकि जहां तक इस जगह का संबंध है तो मैं इस बात को लेकर दृढ़ हूं कि नस्लवाद और लिंगवाद का विरोध किया जाना चाहिए। मेरा मानना है कि हाउस ऑफ कॉमन्स को स्वतंत्र न्यायपालिका और समानता के समर्थन पर विचार करना चाहिए।”

गौरतलब है कि ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने पिछले सप्ताह अपनी अमरीका यात्रा के दौरान महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की तरफ से ट्रंप को ब्रिटेन आने का न्योता दिया था। हालांकि लेबर नेता जेरेमी कोर्बिन और दूसरे नेताओं का कहना है कि जब तक ट्रंप मुस्लिम देशों के यात्रियों पर प्रतिबंध नहीं हटाते तब तक उनकी यात्रा को रोकर रखना चाहिए।

इससे पहले जेरेमी कोर्बिन ने कहा था कि अगर प्रधानमंत्री थेरेसा मे ट्रंप के इस राजकीय यात्रा को स्थगित नहीं करती हैं और ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को साफ-साफ शब्दों में निंदा नहीं करती हैं तो वो ब्रिटेन की जनता को विफल करेंगी। ब्रिटेन इसकी अपेक्षा करता है और इसका हकदार है।

वहीं एक याचिका में कहा गया है कि ट्रंप को अमरीकी सरकार का मुखिया होने के नाते निजी हैसियत से ब्रिटेन में प्रवेश की इजाजत दी जानी चाहिए, लेकिन उन्हें आधिकारिक राजकीय यात्रा पर नहीं बुलाया जाना चाहिए क्योंकि यह महारानी के लिए मुसीबत पैदा करेगा।’ इसमें कहा गया है कि ‘डोनाल्ड ट्रंप का स्त्री जाति से द्वेष और अश्लीलता उन्हें महारानी या प्रिंस ऑफ वेल्स द्वारा अगवानी किए जाने के अयोग्य बनाता है। इसलिए डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति रहने के दौरान ब्रिटेन में आधिकारिक राजकीय यात्रा पर नहीं आमंत्रित किया जाना चाहिए।

 

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