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ब्रिटेन के इस मुस्लिम युवक ने 90 देशों के प्रतियोगियों को पछाड़ कर जीता अंतरिक्ष भ्रमण पुरस्कार

मानसिक स्वास्थ्य के बारे में सबसे अद्भुत भाषण देकर लंदन के एक 24 वर्षीय मुस्लिम युवक ने अंतरिक्ष यात्रा प्रतियोगिता जीत लिया है। हुसैन मुनवर को बैंकॉक में क्रूगर कवने राइजिंग स्टार प्रतियोगिता समारोह में तालियों से गरगराहट के बीच इस खिताब से नवाज़ा गया।

हुसैन अब 2018 में पृथ्वी से 60 मील ऊपर अंतरिक्ष क्षेत्र में यात्रा करेंगे, जहां कोई गुरुत्वाकर्षण नहीं होता है। उन्होंने अपनी यह यात्रा मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्तियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि मैं ऐसा सकूंगा। कड़ी मेहनत, जुनून और प्यार वास्तव में, आपको इस दुनिया से बाहर ले जा सकता है।” उसके बाद उन्होंने कहा कि अब मेरे लिए यह और भी ज़रूरी हो गया है कि मैं इस मंच का इस्तेमाल मानव जाति, विश्व और मानवता जाति लिए कुछ अच्छा करने के लिए करूं ।

हुसैन ने मानसिक बीमारी के बारे में आश्चर्यजनक भाषण देकर 90 देशों से आए प्रतियोगियों को हराकर यह अद्भुत खिताब अपने नाम किया। अपनी इस जीत के बाद उन्होंने घोषणा की कि यह अंतरिक्ष यात्रा मैं हर उस व्यक्ति को समर्पित करता हूं जो मानसिक रूप से पीड़ित हैं, वह लड़का, लड़की, मर्द या औरत हो सकता है, जो अपने आप को कमरे में बंद कर रोना चाहता है। जिसे सीसा में देखना अच्छा नहीं लगता, क्योंकि जो दिखता है वो उन्हें पसंद नहीं है।

उसके बाद उन्होंने कहा कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि अगर आप मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं तो इसमें डरने की कोई बात नहीं हैं।आपका स्वागत है हमारे समाज में, जहां 7 अरब लोग मानसिक रूप से पीड़ित हैं। अपने विजयी भाषण में उन्होंने कहा कि मेरा नाम हुसैन है और मैं आतंकवादी नहीं हूं। दरअसल, यह संवाद बहुचर्चित बॉलीवुड फिल्म ‘माय नेम इज खान’की एक चर्चित डायललॉग की ओर इशारा था। उन्होंने कहा कि मेरे दिमाग में बेहद हलचल थी। मैंने सोचा कि यह जब दुनिया एक मुस्लमान को पुरस्कृत होते देख रही है, तो मुझे कुछ ऐसा बोलना चाहिए जो सहज हो।

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