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बड़ा खुलासा: सिमी ने रची थी मोदी के कत्ल की साजिश

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बुध के रोज़ एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि मुल्क की ममनुआ तंज़ीम सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया) और आईएम (इंडियन मुजाहिदीन) के पकड़े गए मुश्तबा मेम्बर्स उमेर सिद्दीकी, अब्दुल वाहिद ने कड़ी पूछताछ में अ

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बुध के रोज़ एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि मुल्क की ममनुआ तंज़ीम सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया) और आईएम (इंडियन मुजाहिदीन) के पकड़े गए मुश्तबा मेम्बर्स उमेर सिद्दीकी, अब्दुल वाहिद ने कड़ी पूछताछ में अपना जुर्म कुबूल करते हुए बोधगया धमाके की साजिश, हैदराबाद धमाके में मुलव्वस मुल्ज़िमो को पनाह देने, नरेन्द्र मोदी पर हमले की साजिश रचने की बात कुबूल की है |

दारुल हुकूमत की पुलिस ने अब तक सिमी से जुड़े मुबय्य्ना तौर पर दहशतगर्दों को गिरफ्तार किया है और दूसरों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है | छत्तीसगढ़ के डायरेक्टर जनरल आफ पुलिस रामनिवास ने बुध के रोज़ एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मुल्ज़िमों ने गुजरात के वज़ीर ए आला नरेंद्र मोदी पर हमले की पूरी तैयारी कर रखी थी | मोदी के जलसे से पहले दहशतगर्दों ने कानपुर, दिल्ली और रियासत के अंबिकापुर जाकर रेकी की थी, लेकिन सेक्युरिटी के इंतेज़ाम सख्त होने की वजह से वे कामयाब नहीं हो पाए |

डीजीपी ने बताया कि पकड़े गए मुल्ज़िम उमेर सिद्दीकी और अब्दुल वाहिद ने पूछताछ में अपने दूसरे साथियों का नाम-पता बताया | दारुल हुकूमत की पुलिस, महकमा खुफिया की टीम ने एक-एक कर रोशन उर्फ जावेद, अब्दुल अजीज, अजीजुल्लाह, हैयात खान, मोईनुद्दीन, हबीबउल्ला को गिरफ्तार किया |

उन्होंने कहा कि पकड़े गए दहशतगर्दों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले हकायक सामने आए हैं | अब तक मुल्ज़िमों से हुई पूछताछ में यह साफ हो गया है कि उमेर सिद्दीकी और इससे जुड़े सिमी तंज़ीम के दूसरे लोगों ने यहां एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी की थी, मगर पुलिस की पकड़ में आने के बाद उनकी साजिश नाकामयाब हो गई है |

छत्तीसगढ़ की दारुल हुकूमत में पकड़े गए दहशतगर्द उमेर सिद्धीकी ही बोधगया में हुए बम धमाके का मास्टर माइंड था | उसने इस धमाके की साजिश रची थी और हमलावरों को छुपाने की मुहिम बनाए थे | उमेर सिद्धीकी ने पूछताछ में यह कबूला है कि बोधगया धमाके की साजिश उसी ने रची थी और उसने इस ताल्लुक में पुलिस को तफसील दिया है | पटना में हुए धमाके की भी जानकारी इसने कुबूल की है | उमेर ने फरार दहशतगर्दों का हैदराबाद धमाके में शामिल होना कबूला है जिसकी तस्दीक एनआईए के रिकार्ड से भी होती है |

उमेर का राबिता सिमी के बड़े ओहदेदारो और इंडियन मुजाहिदीन से था और उनका अगला निशाना नरेंद्र मोदी थे | वह छत्तीसगढ़ माड्यूल के तौर पर अपना अलैहदा तंज़ीम चला रहा था और सिमी के कारकुनो उसे आमीर यानी चीफ के रूप में जानते थे |

छत्तीसगढ़ पुलिस की खुफिया ब्रांच पिछले तीन साल से इस तंज़ीम से जुड़े उमेर सिद्धीकी और उसके साथियों की निगरानी कर रही थी | कुछ दिन पहले निगरानी के दौरान गैर मुल्की ज़ुबान में भेजे गए पैगाम के बारे में पुलिस को जानकारी हुई जिसमें नरेंद्र मोदी का जिक्र था |

यह पैगाम मामूली नहीं था इसलिए छत्तीसगढ़ की खुफिया एजेंसी ने 17 अगस्त को आईबी को इस बारे में मालूमात दी थी | इसके बाद 11 एवं 12 नवंबर को दुबारा कुछ मालूमात हासिल हुई जो काफी अहम थी | यह मालूमात नरेंद्र मोदी की सेक्युरिटी के ताल्लुक से थी | उन्होंने बताया कि 14 नवंबर की शाम तक छत्तीसगढ़ के इंटेलीजेंस विभाग के एटीएस द्वारा उक्त जानकारियों को फॉलो करते समय कुछ

मुश्तबा सरगर्मियों और बाहरी अफराद के इलाके में आने की भनक लगी और उमेर सिद्धीकी और उसके सात साथियों की गिरफ्तारी की गई |

एडीजी मुकेश गुप्ता ने बताया कि उमेर ने बताया कि पटना ब्लास्ट के 4 मुल्ज़िम हैदर अली उर्फ अब्दुला वल्द मोह अलाम अंसारी, नूमान आलम उर्फ फिरोज वल्द सुल्तान, तौफीक उर्फ आसिफ वल्द तजमुल अंसारी एवं मुजीबुल्ला वाकिया के बाद राउरकेला से भागकर इसके पास आए थे |

उन्होंने यहां रुकने के मकसद से किराये का घर लिया था उसमें रुकने की तमाम सहूलियात कराई गई थी | रेड करने पर वे चारों अफराद सामान छोड़कर फरार हो गए | उमेर सिद्धीकी ने पूछताछ में बताया कि वह सिमी के सभी बड़े लीडर्स जैसे सफदर नागोरी, कमरुद्दीन नागोरी, आमीर परवेश (सभी मध्य प्रदेश और फिलहाल जेल में) और मोहम्मद अली एवं इरफान मसूरी (मगरिबी बंगाल) और इनामुर रहमान (जबलपुर के पास) और खंडवा जेल से फरार अबू फैजल से 2002 से राबिते में रहा है |

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