Tuesday , September 26 2017
Home / Khaas Khabar / बड़ी खबर -मोहर्रम की मजलिस में बुर्का पहने पकड़ा गया भाजपा नेता

बड़ी खबर -मोहर्रम की मजलिस में बुर्का पहने पकड़ा गया भाजपा नेता

इलाहाबाद: भाजपा जिला पंचायत सदस्य पति (वार्ड 40) मऊआइमा द्वितीय एवं विहिप जिला उपाध्यक्ष अभिषेक यादव शनिवार की रात बुर्का पहन कर मऊआइमा के मानी उमर पुर में आयोजित मोहर्रम की मजलिस में छिप कर पहुंचा। वह एक महिला के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। जिसे पुलिस ने छेड़ छाड़ ,माहोल ख़राब करने लोगों मे भय पैदा करने के आरोप गिरफ्तार किया है .

क्या है पूरा मामला
मऊ आइमा ग्राम मानी उमरपुर थाना में मकीमुद्दीन नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई है। घटना शनिवार की रात 11:45 बजे रात की है। मोहर्रम का मिलाद का प्रोग्राम इमामबाड़ा में चल रहा था। यहां बहुत सारे लोग इकठ्ठा थे। एक तरफ महिलाओं के लिए तो दूसरी तरफ मर्दों के बैठे का इंतज़ाम था। मामला यह है कि अभिषेक यादव जिसके पिता का नाम इंद्र बहादुर यादव है, ने औरतों के बैठक में नाक़ाम पहनकर घुस गया। बताया गया है अभिषेक भाजपा जिला पंचायत सदस्य है और विश्व हिंदू परिसद् का जिला उपाध्यक्ष है। उसके साथ उसका एक दोस्त भी था। अभिषेक के खिलाफ थाने में शिकायत की गई है कि उसने औरतों के भेष में आकार इमामबाड़े की औरतों के साथ छेड़छाड़ किया। जब औरतों ने उसका नक़ाब उठाकर देखा तो उसकी पोल खुल गई और उसे पकड़ लिया गया। हालांकि उसका दोस्त भागने में कामयाब हो गया।

letter

हालाँकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह गड़बड़ी करने की नियत से मुसलिम महिलाओं में छुप कर बैठा था। लोगों ने की पिटाई, पुलिस थाने ले गई। पोस्टर बैनर में खुद को भाजपा नेता ‘हिंदू अभिषेक यादव’ लिखने वाला अभिषेक इसके पहले दंगा व सांप्रदायिक विवाद भड़काने में जेल भी जा चुका है। उसने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जेल में रहते हुए जीता था।

लोकल अखबार के रिपोर्टर साजिद खान ने सियासत डॉट कॉम को बताया कि इस मामले पर अभिषेक यादव के भाई वीरू यादव ने सामने आकर बयान दिया है। वीरू का कहा है कि उसके भाई अभिषेक ने ऐसा कोई काम नहीं किया है, बल्कि उसे मजलिस में शामिल लोगों ने जानबूझ कर पीटा है। लेकिन सवाल यह उठाया जा रहा है कि अभिषेक बुरका पहन कर औरतों की मजलिस में क्यों गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह दंगा कराने के मकसद से किया गया काम है, ताकि साथ-साथ चल रहे दशहरा और मुहर्रम के इस पर्व में हिन्दू-मुसलमानों के बीच विवाद पैदाकर दंगा कराया जा सके।

TOPPOPULARRECENT