Sunday , October 22 2017
Home / Khaas Khabar / बड़े जानवरों की मुंतक़ली रोकने पर एहतिजाज(विरोध‌)

बड़े जानवरों की मुंतक़ली रोकने पर एहतिजाज(विरोध‌)

कारपोरेटर मजलिस बचाव‌ तहरीक अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद एक मकतूब(खत) चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी के अलावा उस की नक़ल कापीयां बिशमोल प्रिंसिपल सैक्रेटरी, होम सैक्रेटरी, डायरैक्टर जनरल पुलिस, ज़िला कलैक्टर हैदराबाद, कमिशनर बलदिया,

कारपोरेटर मजलिस बचाव‌ तहरीक अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद एक मकतूब(खत) चीफ़ मिनिस्टर किरण कुमार रेड्डी के अलावा उस की नक़ल कापीयां बिशमोल प्रिंसिपल सैक्रेटरी, होम सैक्रेटरी, डायरैक्टर जनरल पुलिस, ज़िला कलैक्टर हैदराबाद, कमिशनर बलदिया, डायरैक्टर महिकमा अफ़्ज़ाइश मवेशीयां कमिशनर एन पुलिस सिटी साइबराबाद को रवाना करते हुए

उन्हों ने अपने मकतूब (खत) में इस बात को वाज़ह(ज़हिर) किया के सिंह परिवार और इस के हलीफ़ तंज़ीमों की तरफ‌ से गुज़शता( पिछ्ले) सालों की तरह इस साल भी ईद-उल-अज़हा के मौके पर बड़े जॉनरों को हैदराबाद, दीगर(दुसरे) मुक़ामात को मुंतक़ली(लेजाने) रोकने की साज़िशों का आग़ाज़(शुरु) होचुका है।

अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद ने अपने मकतूब (खत) में इन अफ़राद(लेग) का भी हवाला दिया जो इन शरपसंद ग़ैर समाजी अनासिर (फिसादि)का निशाना बन चुके हैं। अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद ने मकतूब (खत) में कहा के ईद-उल-अज़हा के मौके पर मुख़्तलिफ़(दुसरे ) रियास्तों अज़ला(ज़िले) के बेपारी बड़े जानवरों की रसीद के साथ बड़े जानवरों की मुंतक़ली(भेजना) किया करते हैं जबके वो मताक़ला मह्कमाजात को जानवरों पर आइद करदा रक़म अदा(देना) करते हुए क़ानूनी तौर पर जानवरों को हैदराबाद के अलावा दीगर( दुसरे) मुक़ामात(जगहों) को मुंतक़ली(भेजना) अमल में लाया करते हैं।

शरपसंद अनासिर(गुंडे) जो नाम निहाद गावकुशी नाम की तंज़ीमों से वाबस्ता होने का जवाज़ देते हुए ना सिर्फ बड़े जानवरों की मुंतक़ली को रोक दिया जाता बलके शरपसंद अनासिर(गुंडे) बेपारियों को हिरासाँ (सताना )परेशान करते हुए उन से बदतमीज़ी का रवैय्या इख़तियार किया जाता ।

अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद ने अपने मकतूब(खत) में साल 2011 के इन वाक़ियात का भी ज़िक्र किया जो सिंह परिवार की जानिब (तरफ)से ना सिर्फ बड़े जानवरों की मुंतक़ली के दोरान हालात को कशीदा कररहे थे बलके ईद-उल-अज़हा के बाद भी मुसलिम नौजवानों पर मख़सूस इलाक़ों से गुज़रने(जाने) पर हमला करते हुए ज़ख़मी कररहे थे।

उन्हों ने कहा के गुज़शता(पिछ्ले) साल साइबराबाद के हदूद में सैंकड़ों की तादाद में बड़े जानवरों की मुंतक़ली के दौरान रोक देने के बाइस बेपारियों का लाखों रूपियों का नुक़्सान होचुका है। साल 2011 के दौरान सिंह परिवार की मज़कूरा साज़िशों के ख़िलाफ़ एम बी टी वाहिद जमात थी जो डट कर मुक़ाबला करते हुए ना सिर्फ बड़े जानवरों को हैदराबाद मुंतक़िल(लाया) बल्के कमिशनर साइबराबाद तर विमल राव‌ से मुलाक़ात करते हुए इन बेपारियों को पेश किया जो सिंह परिवार अनासिर के हाथों शदीद(बहुत) ज़ख़मी होचुके थे।

अमजद उल्लाह ख़ां ख़ालिद ने मकतूब (खत)के आख़िर में हुकूमत से मुतालेबा किया के वो फ़िकर् परस्त क़ाइदीन(लीडर) जो हिन्दू वाहिनी तंज़ीमों मुख़्तलिफ़ सयासी जमातों से वाबस्ता हैं उन पर कड़ी नज़र रखते हुए हुकूमत बड़े जानवरों की शहर दीगर(दुसरे) मुक़ामात पर मुंतक़ली(लाने) के दौरान(बीच‌) पुलिस अमला के ज़रीया हिफ़ाज़त करें

TOPPOPULARRECENT