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भक्तों का पुरषार्थ पाक सेना पर हमले से शुरू होकर पाकिस्तानी कलाकारों पर आ गिरा है

उरी में आंतकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव का खामियाजा पाकिस्तानी कलाकारों को उठाना पड़ रहा है। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पाकिस्तानी कलाकारों को देश छोड़ने की चेतावनी दी है। वहीं पाकिस्तानी कलाकारों को काम देने वाले निर्माता, निर्देशको की फिल्मों को रिलीज नहीं होने की धमकी दी जा रही है। पाकिस्तानी कलाकारों से सजी फिल्म करन जौहर की “ऐ दिल है मुश्किल” और शाहरुख खान की “रईस” जल्द ही होने जा रही है।

पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान, माहिरा खान और राहत फतेह अली खान ये ऐसे पाकिस्तानी कलाकार है जो अच्छा खासा भारत में लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया में भी इन कलाकारो के पक्ष में आवाज उठ रही है। जहां एक तरफ सोशल मीडिया का एक तबका राज ठाकरे के संगठन मनसे की पाकिस्तानी कलाकारों को देश छोड़ने की दी गई धमकी की आलोचना की जा रही है, वहीं कुछ लोग सोशल मीडिया में पाकिस्तानी कलाकारों के जरिये राजनीति करने पर राजठाकरे पर काफी गुस्सा भी निकाल रहे हैं।

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पत्रकार और फिल्म निर्देशक विनोद कापड़ी ने ट्विटर पर कहा है, ‘राज ठाकरे को जब भी लगता है कि दुकान ठीक नहीं चल रही तो वो पाकिस्तानी कलाकारों को ही तलाशते हैं।’

पत्रकार अतुल चौरसिया ने अपनी फेसबुक में लिखा है, ‘इनका सारा पुरुषार्थ पाक सेना पर हमले से शुरू होकर पकिस्तानी कलाकारों पर आ गिरा है. Hope they will fight with terrorist rather artists’

जुनैद अहमद मट्टू ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में लिखा है, ‘ पाकिस्तानी कलाकारों को मनसे का 48 घंटे का ‘अल्टीमेटम’ पूरी तरह से आतंकवाद है। राज ठाकरे पर मामला दर्ज होना चाहिए और उन्हें हिरासत में लिया जाना चाहिए। दोहरा मानदंड नहीं अपनाया जा सकता।’

सुपंदी ने फेसबुक में लिखा है कि, ‘राज ठाकरे राजनीति के उदय चोपड़ा हैं. वे कुछ सालों के अंतर से बार-बार वापसी की कोशिश करते हैं लेकिन हर बार असफल हो जाते हैं।’

लव भक्त ने ट्वीट के जरिये कहा है कि, ‘आतंकवादियों हमारे जवानों को मार रहे हैं और हम इसका बदला पाकिस्तानी कलाकारों पर निकाल रहे हैं, हममें और आतंकवादियों की मानसिकता में ज्यादा अंतर नहीं है।’

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