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भाजपा की जीत के लिए सेक्युलर दलों पर इल्ज़ाम लगाना ग़लत : कांग्रेस

हैदराबाद। कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए कांग्रेस समेत धर्मनिरपेक्ष पार्टियों पर दोष लगाने के लिए एमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की कड़ी निंदा की है। ओवैसी दूसरों पर दोष लगाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एमआईएम अध्यक्ष सांप्रदायिक बातों को लेकर उत्तर प्रदेश में आये और अतीत में उनके भाई भड़काऊ भाषण देते रहे हैं। उन्हें भाजपा समर्थित मीडिया द्वारा पूरी तरह से समर्थन मिला जिसने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों की तुलना में उनकी पार्टी को अधिक महत्व दिया।

 

 

 

ग्रेटर हैदराबाद कांग्रेस कमेटी (जीएचसीसी) अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शेख अब्दुल्ला सोहेल ने कहा क़ि जिन सीटों पर एमआईएम ने अपने उम्मीदवारों को उतारा था वे बीजेपी के लिए बेमिसाल थी और उसने चुनावी लड़ाई में एमआईएम की मौजूदगी का फायदा उठाया। वोटों के ध्रुवीकरण और धर्मनिरपेक्ष मतों के विभाजन के कारण भाजपा ने चुनाव जीता। उत्तराखंड और अन्य जगहों पर भाजपा की जीत पर असदुद्दीन ओवैसी के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए क़ि जहां उनकी पार्टी ने किसी भी उम्मीदवार का चुनाव नहीं किया तो अब्दुल्ला सोहेल ने कहा कि एमआईएम अध्यक्ष को खुद को इस प्रश्न का उत्तर देना चाहिए।

 

 

 

यदि एमआईएम का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष था और उसके पास दलितों और समाज के अन्य वर्गों का समर्थन था तो यह केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित क्यों रहा? उत्तराखंड में ऐसे किसी भी उम्मीदवार को क्यों नहीं मिला, जहां मुसलमान कुल आबादी का लगभग 14% हिस्सा हैं? क्यों असदुद्दीन ओवैसी यूपी में 403 विधानसभा सीटों में से 33 पर ही केंद्रित थी जिसमें मुस्लिमों की एक महत्वपूर्ण आबादी थी? अब्दुल्लाह सोहेल ने कहा कि एमआईएम नेताओं ने भाजपा प्रमुख अमित शाह के निर्देशों के अनुसार कार्य किया और चयनित विधानसभा क्षेत्रों से उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था जहां भाजपा की चुनाव जीतने में मदद के लिए ध्रुवीकरण और वोटों का विभाजन आवश्यक था।

 

 

 

उन्होंने कहा कि यदि एमआईएम देश के दूसरे हिस्सों में अपना आधार बढ़ाने पर गंभीर है, तो वह सभी राज्यों और सभी सीटों से चुनाव लड़े। चूंकि यह यूपी चुनाव भाजपा को जिताना चाहते थे, इसलिए उसने राज्य में एक विशिष्ट एजेंडे के साथ प्रवेश किया और अपना लक्ष्य पूरा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान एमआईएम का भाजपा और शिवसेना का फायदा उठाया है।

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