Wednesday , September 20 2017
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भारत में बढती ही अदम बर्दाश्त फ़िक्र का सबब : शबाना आज़मी

shabana
नई दिल्ली: मशहूर अदाकार शबाना आज़मी ने जुमे के रोज़ उन लोगों की हिमायत की जिन्होंने मुल्क में बढ़ रही अदम बर्दाश्त के मुद्दे को उठाया | उन्होंने कहा की मुल्क में बढ़ती हुई अदम बर्दाश्त फ़िक्र का सबब है| शर पंसद अनासिर की हौसला शिकनी इन्तेहाई ज़रूरी है |

आलमी भारत कान्फ्रेंस में, ख्वातीन पर एक इजलास को ख़िताब करते हुए शबाना आज़मी ने कहा, “मुल्क में बढ़ती हुई अदम बर्दाश्त इन्तेहाई फ़िक्र का सबब है| मुल्क में जो बहस चल रही है वो सिर्फ शर पंसद अनासिर की हौसला शिकनी के बारे में नही होनी चाहिए बल्कि इख्तिलाफ़ राय के एहतेराम के बारे में भी होनी चाहिए” |

पार्लियामेंट की साबिक़ रुक्न शबाना ने कहा कि भारत जैसे मुख्तलिफ़ तहजीबों वाले मुल्क में इख्तिलाफ़ात होना आम बात है लेकिन इख्तिलाफ़ राय का एहतराम भी ज़रूरी है |

अदाकार ने कहा, मुल्क में अदम बर्दाश्त जारी है लेकिन सवाल ये है की रियासत इसके साथ कैसे निमटेगी |

दादरी में एक आदमी को गाय का गोश्त रखने की झूटी अफ़वाह में मार दिए जाने के बाद ये मामला मंजर-ए-आम पर आया था | कई फनकारों और अदीबों ने मुल्क में बढ़ रही अदम बर्दाश्त के मामले को उठाते हुए इख्तिलाफ़ राय के इज़हार के तौर पर रियासत को अपने अवार्ड लौटा दिए थे |

इतने बड़े पैमाने पर अवार्ड वापसी के मामले ने बैनुलअक़वामी सतह पर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा था | वज़ीर आज़म नरेंद्र मोदी पर इस मामले में ख़ामोशी इख्तियार करने का इल्ज़ाम लगाया गया था जिस पर हाल ही में ब्रिटेन दौरे के दौरान एक गैर मुल्की सहाफ़ी ने जब इस पर सवाल किया तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा था कि “भारत मुतआसब मुल्क नहीं है” |

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