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भारत में साइबर अपराध में 3 साल में हुई 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी

नई दिल्ली: एक अध्ययन के मुताबिक़ देश में आईटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड साइबर क्राइम के मामले में 2011 और 2014 के बीच लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है है साथ ही इस अध्ययन में बताया गया है कि दुनिया भर में साइबर अटैक बढ़ते  ही जा रहे हैं  |

एक अध्ययन से पता चला है कि इन हमलों की शुरुआत ज्यादातर अमेरिका, तुर्की, चीन, ब्राजील, पाकिस्तान, अल्जीरिया, तुर्की, यूरोप, और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से हुई है लेकिन भारत में इन्टरनेट और स्मार्टफोन के विस्तार के साथ ही साइबर अपराधियों के लिए ये प्राथमिक लक्ष्यों में से एक बन गया है ।

एसोचैम-पीडब्ल्यूसी ने संयुक्त अध्ययन में कहा कि हर बीतते साल के साथ ही  साइबर हमले दिन प्रतिदिन जारी हैं | भारत में 2011 से 2014 के बीच  आईटी एक्ट 2000 के तहत पंजीकृत साइबर अपराध के मामलों में लगभग 300 प्रतिशत की वृद्धि हुई है | अध्ययन में इस बात का उल्लेख किया गया है कि ये हमलावर न्यूक्लियर प्लांट, रेलवे ,ट्रांसपोर्टेशन, अस्पतालों जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर कंट्रोल कर सकते हैं जिसके नतीजे में पावर फेलियर ,वाटर पाल्यूशन , बाढ़ , जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड सकते हैं|

अकेले अमेरिका में, 2012 से 2015 तक लगभग 50 प्रतिशत साइबर क्राइम में बढ़ोतरी हुई है |
इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम ने ‘प्रोटेक्टिंग इंटरकनेक्टीड सिस्टम्स इन द साइबर एरा’  नामक शीर्षक से एक अध्ययन में सूचना दी कि 2015 में इस तरह की लगभग 50,000 सुरक्षा की घटनाओं को नियंत्रित किया गया है | इस अध्ययन में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि ये साइबर अटैक कई ऑपरेशनल सिस्टम को कमज़ोर कर रहे हैं | साइबर सिक्योरिटी इंटेलिजेंस को इस तरह के खतरों से निबटने के लिए सुधार की ज़रुरत है |दुनिया भर में साइबर अटैक बढ़ते ही जा रहे हैं जो केवल व्यक्तियों को ही नहीं बल्कि बिज़नेस और सरकार को भी निशाना  बना रहे हैं |

राष्ट्रीय क्रिटिकल सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC) की पहचान महत्वपूर्ण जानकारी के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन के तहत नोडल एजेंसी के रूप में गई है।
 

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