Wednesday , August 23 2017
Home / Delhi News / भारी उत्पाद विनिर्माण और आपूर्ति रोजगार के लिए नई नीति की घोषणा

भारी उत्पाद विनिर्माण और आपूर्ति रोजगार के लिए नई नीति की घोषणा

नई दिल्ली: सरकार ने अपनी तरह की अनूठी भारी उत्पाद निर्माता नीति को मंजूरी दे दी है ताकि भारत को वैश्विक स्थिति का उत्पादक केंद्र और वर्ष 2025 ई। तक 21 लाख अतिरिक्त रोजगार प्रदान की जा सके। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में किया गया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि इस नीति का उद्देश्य भारत को विश्व स्तर की भारी उत्पादों (कैपिटल गुड्स) के निर्माण का केंद्र बनाने के महत्वाकांक्षी सपने को साकार करना है।

भारत सरकार ने पहली बार भारी उत्पादों के क्षेत्र में नीति की घोषणा जिसका उद्देश्य भारी विनिर्माण लायक 2014-15य में 2,30,000 करोड़ से वर्ष 2025 में 7,50,000 करोड़ तक बढ़ाने के लिए है, जबकि प्रत्यक्ष और बालराज्य रोजगार अवसरों में मौजूदा 8.4 लाख से 30 लाख तक निशाना निर्धारित किया गया है। इस नीति के क्रियान्वयन के कारण विनिर्माण क्षेत्र में भारी उत्पाद के हिस्से को मौजूदा 12 प्रतिशत से 2025 ई। तक 20 प्रतिशत कर दिया है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि अगर भारत में भारी उपकरणों के निर्माण में गिरावट आ जाती है तो देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उक्त नीति का मुख्य उद्देश्य विभाग भारी उद्योग की आवश्यकताओं को समय पर पूरक है ताकि विभिन्न इस्कीमात की आजलाना मंजूरी सुनिश्चित बनाया जा सके और भारी उत्पादों (गुड्स) के निर्यात में मौजूद 27 प्रतिशत से 40 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए है।

जिससे भारत को निर्यात राजधानी बनाया जा सकता है। इसके अलावा नीति में यह प्रावधान है कि प्रचलित तकनीक को असरी बनाने, कौशल में सुधार वस्तुओं की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए संभावित कदम उठाए हैं जिसके लिए उद्योगों को बुनियादी सुविधाएं और कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित बनाया जाएगा और सरकारी कर और ड्यूटी को समझदारी पसंद किया जाएगा।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिन्दोस्तान.जापान के बीच तय पाए प्रदूषण मुक्त थर्मल पावर थर्मल परियोजनाओं के अनुबंध की पुष्टि कर दी जिसके तहत सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी प्राधिकरण और जापान कोल ऊर्जा केंद्र के बीच आपसी साझा और बातचीत की जाएगी और थर्मल पावर परियोजनाओं से कार्बन उत्सर्जन पर काबू पाने के लिए जापान की प्रौद्योगिकी को ब‌नाया जाएगा.क्योंकि देश में वायु प्रदूषण चिंताजनक हद तक बढ़ गई है जिससे विभिन्न बीमारिया पैदा हो रहे हैं|

TOPPOPULARRECENT