Monday , September 25 2017
Home / World / भूक बतौरे हथियार जंगी जुर्म है – बांकीमून

भूक बतौरे हथियार जंगी जुर्म है – बांकीमून

अक़वामे मुत्तहिदा ने शामी तनाज़े के फ़रीक़ैन को ख़बरदार किया है कि वो मुख़्तलिफ़ इलाक़ों के मुहासिरा को जंगी चाल के तौर पर इस्तेमाल करने से बाज़ रहें। इस आलमी इदारे के मुताबिक़ ये अमल जंगी जराइम के ज़ुमरे में आता है।

अक़वामे मुत्तहिदा के सेक्रेट्री जनरल बांकीमून ने इस सिलसिले में शामी तनाज़े के फ़रीक़ैन को इंतिहाई सख़्त अंदाज़ में ख़बरदार किया है: मैं ये वाज़ेह कर दूं कि भूक को बतौर हथियार इस्तेमाल करना एक जंगी जुर्म है। उनके बाक़ौल तमाम फ़रीक़ बाशमोल दमिश्क़ हुकूमत इस जुर्म के मुर्तक़िब हो रहे हैं।

शहरीयों को तहफ़्फ़ुज़ फ़राहम करना और अशियाए ख़ुर्द नोश की फ़राहमी को यक़ीनी बनाने की ज़िम्मेदारी शामी हुकूमत पर आइद होती है। बांकीमून ने मज़ीद कहा कि जंग में कामयाबी या इलाक़ों से क़ब्ज़ा ख़त्म करने के लिए तमाम फ़रीक़ इस तरह के और भी जराइम में मुलव्विस हैं।

ये बैनुल अक़वामी क़वानीन की खुली ख़िलाफ़वर्ज़ी है। इस आलमी इदारे के सरब्राह ने मज़ीद कहा कि महसूर इलाक़ों में मौजूद शामी शहरीयों को यरग़माल बनाया जा रहा है और उनकी हालत-ए-ज़ार इंतिहाई मख़दूश है।

यरग़मालियों के खाने पीने का भी इंतेज़ाम किया जाता है लेकिन शामी इलाक़ों में बच्चे, ख़वातीन और मर्दों को ज़रूरी अशिया और तिब्बी सहूलयात की अदमे मौजूदगी में ज़िंदगी गुज़ारना पड़ रही है।

TOPPOPULARRECENT