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“भोपाल एनकाउंटर” का एनकाउंटर, इन सवालों के जवाब कौन देगा ?

निसार सिद्दकी।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सुबह खबर आती है कि जेल से 8 सिमी के कैदी फरार हो गए हैं। मीडिया की टेलीविजन स्क्रीन पर इस खबर की ब्रेकिंग चल रही होती है तभी एक और बड़ी खबर आती है कि आठों सिमी कैदियों को एनकाउंटर में मार गिराया गया है। फरारी और फिर तुरंत एनकाउंटर के दरम्यान 8 घंटों में कई ऐसे राज छुपे हैं जिनको सामने लाने की कोशिशें की जा रही हैं। इन 8 घंटों के पीछे इस घटना की पूरी सच्चाई छिपी है। इसके साथ ही पुलिस, एटीएस और नेताओं के अलग-अलग बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह पैदा कर दिया है। इस एनकाउंटर सवाल इसलिए भी गहरा जाता है कि जो वीडियो सामने आए हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस की तरफ से इन कैदियों को जिंदा पकड़ने की कोशिश ही नहीं की गई थी। एक दूसरी बात सामने आ रही है कि ये भोपाल के आईजी का कहना है कि कैदियों के पास 4 देसी कट्टे बरामद हुए थे, जबकि एटीएम के प्रमुख संजीव शमी ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि कैदियों के पास कोई भी हथियार बरामद नहीं किया गया। अब ऐसे में सवाल उठने लगे हैं क्या पुलिस इन कैदियों को मारना ही चाहती थी? अगर मारना ही चाहती थी क्यों?

जेल से भागने पर सवाल?

सबसे पहला सवाल सिमी के आठों कैदियों की फरारी को लेकर उठ रहा है। दरअसल बताया जा है कि ये घटना रात के दो से तीन बजे के बीच की है।

पहला सवाल- उठता है कि जो जेल आईएसओ प्रमाणित है, जिसमें सुरक्षा के अपने मानक होते हैं। उसमें सुरक्षा की इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।
दूसरा सवाल- पुलिस और नेताओं के बयान में सामने आया है कि कैदी जेल के ताले को लकड़ी, चम्मच और टूथब्रश की चाबी बनाकर खाले थे।
तीसरा सवाल- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस जेल में सिमी जैसे आतंकी संगठन के 30 आतंकी रखे गए हों, वहां की सुरक्षा में तैनात गार्ड्स को सिर्फ लाठी दिया गया हो?
चौथा सवाल- जेल में लगे वही सीसीटीवी कैमरे क्यों खराब थे। जो आठों कैदियों के सेल के बाहर लगे थे? जबकि पूरे जेल परिसर में 42 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं।
पांचवा सवाल- रिहाई मंच ने एक प्रेस रिलीज जारी कर सवाल उठाया कि ये आठों कैदी जेल के ए ब्लॉक और बी ब्लॉक में बंद थे। जाकिर, अमजद गुड्डू, अकील जहां ए ब्लॉक में बंद थे तो वहीं खालिद मुजीब, माजिद बी ब्लॉक में बंद थे। इन दोनों ब्लॉकों के बीच काफी दूरी है। अगर एक ब्लॉक के कैदियों ने एक बंदीरक्षक की हत्या कर वहां से फरार हो गए तो यह कैसे संभव हुआ कि दूसरे ब्लॉक के कैदी भी फरार हो गए?
छठा सवाल- चादर और कंबल से बनाई गई लकड़ी को जेल की 28 फीट ऊंची बाहरी दीवार पर बिना रस्सी अटकाए कैसे पार की गई?
सातवां सवाल- जेल तोड़ने के बाद आठों एक साथ एक ही रास्ते पर क्यों भागे? जबकि इसमें पकड़े जाने का सबसे ज़्यादा खतरा था?

एनकाउंटर के वीडियो से उभरे सवाल?

पहला सवाल- वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैदी हाथ हिलाकर बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, फिर उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?
दूसरा सवाल- सभी आठों की लाश एक जगह पड़ी है। एक कैदी के अंदर जान बची थी। लेकिन एक पुलिसवाले ने उसे गोली मार दिया। आखिर पुलिस इस कैदी को जिंदा क्यों नहीं गिरफ्तार करना चाहती थी?
तीसरा सवाल- जेल से भागने के बाद इन कैदियों के पास कपड़े और महंगी घड़ियां कहां से आ गईं? अगर कोई बाहरी मदद की गई थी तो क्या संभव नहीं था कि वह उनके साधन मुहैया कराकर दूसरे जगह पर ले जाता?
चौथा सवाल- जेल से निकलने के बाद आठों को भोपाल से दूर भागने की जल्दी क्यों नहीं थी? वो आठ घंटे में सिर्फ दस किलोमीटर भाग कर क्यों रुक गए? जबकि इससे पहले जब इनमें शामिल तीन कैदी भागे थे पुलिस को ढूंढने में काफी दिन लग गया था।
पांचवा सवाल- वीडियो फूटेज में साफ दिख रहा है कि पहाड़ी पर आठों निहत्थे खड़े थे। फिर उन्हें जिंदा पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की गई?

कैदियों के पास हथियार कहां से आए?

पहला सवाल- भोपाल के आईजी ने बताया कि कैदियों के पास से देशी कट्टा बरामद हुआ है। आखिर उनके पास ये कट्टे कहां से आए?
दूसरा सवाल- आईजी ने कहा कि कुछ पुलिसवालों को धारदार हथियार से चोटें आईं हैं। एनकाउंटर में जहां गोली चल रही हो ऐसे में पुलिसवालों को धारदार हथियारों से चोट कैसे लगी?
तीसरा सवाल- आईजी ने कहा कि कैदियों की फायरिंग के जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। जबकि कई गांव वालों ने मीडिया को बताया कि आतंकी पत्थर चला रहे थे?
चौथा सवाल- एनकाउंटर के दौरान किसी एक को ज़िंदा पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की गई? ऐसे में वो अपने बाकी साथियों और पूरी साजिश का खुलासा कर सकता था?
पांचवा सवाल- एनकाउंटर के दौरान कौन -कौन पुलिसवाले घायल हुए हैं उनको सामने क्यों नहीं लाया गया? हालांकि आईजी सभी सवालों पर जांच की बात कह रहे हैं।

एटीएस प्रमुख का हथियार होने से इनकार?

टीवी चैनल एनडीटीवी से मध्य प्रदेश एटीएस प्रमुख संजीव शमी ने कहा है कि भोपाल एनकाउंटर में मारे गए आठों सिमी कैदियों के पास हथियार नहीं थे। ऐसे में कई सवाल उठते हैं।

पहला सवाल- आईजी का कहना है कि उनके पास से देसी कट्टे बरामद हुए हैं और एटीएस प्रमुख इनकार कर रहे हैं।
दूसरा सवाल- इन कैदियों के पास से देसी कट्टे कहां से आए?
तीसरा सवाल- जिस किसी बाहरी ने इन्हें कट्टे दिए वो किस मकसद दिए गए?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उभरे सवाल?

पहला सवाल- एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मारे गए कैदियों की कमर से ऊपर चोट के निशान मिले हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर एनकाउंटर दूर से हुआ था तो फिर गोलियां शरीर के बाकी हिस्सों या कमरे के निचले हिस्सों पर क्यों नहीं लगी?
दूसरा सवाल- चार आतंकियों को शरीर को गोली आर-पार कर गई ऐसे में प्रतीत होता है कि इनको पास से गोली मारी गई थी?
तीसरा सवाल- कैदियों को तीन तरफ से गोली लगने की बात सामने आ रही है?

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