Wednesday , September 20 2017
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भोपाल एनकाउंटर की सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग के लिए जंतर मंतर पर सत्याग्रह शुरु

नई दिल्ली। भोपाल के कथित एनकाउंटर की जांच सुप्रीम कोर्ट को सौपी जाने की मांग के लिए दिल्ली में सत्याग्रह आंदोलन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच के गुजरात कंवीनर जिग्नेश मेवाणी दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज होने वाले इस आंदोलन में आंदोलन में वो शामिल होंगे।

इसमें देशभर से तमाम सिविल सोसायटी के लोग और राजनीतिक दल के नेता शामिल हो रहे हैं। इस आंदोलन को खड़ा करने में अहम किरदार निभाने वाले वाले सत्याग्रही अमीक जामई का कहना है कि हमें गुजरात के दलितों से सबक लेना चाहिए जिन्होंने गोरक्षकों के आतंक बर्दाश्त नहीं किया। कानून के दायरे में रहकर शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन खड़ा करके गुजरात के सरकार के नाकों तले चने चबवा दिये। ऊना का आंदोलन इसलिए खड़ा हुआ क्योंकि दलितों ने एकजूट हो कर कहा बस अब नहीं सहेंगे।

जिग्नेश मेवाणी ऊना आंदोलन एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल होने दिल्ली पहूंचे जिग्नेश मेवानी का कहना है केंद्र दलित- मुस्लिम एकता से खौफ खाती है। मोदी नित केंद्र सरकार पर दलित-मुस्लिम औऱ ओबीसी समाज को अनदेखा कर भारत में आरएसएस एजेंडा लागू करने का आऱोप लगाया। क्योंकि इन दोनों समाज की एकता ही भारत में आरएसएस एजेंडा लागू करने का सबसे बड़ी रोड़ा है।

भाजपा पूरे देश में दलितों पर अत्याचार कर रही है, मुस्लिमों को फर्जी एनकाउंटरो में मार रही है। ओबीसी समाज के आऱक्षण को खत्म करने की साजिश कर रही है। ऐसे करके बीजेपी वह पूरे देश में मनुस्मृति शासन को पूरी तरह लागू करना चाहती है।

इसके अलावा जिग्नेश ने कहा कि पूरी दुनिया ने देखा गुजरात के दलितों को पिटते हुए देखा है। बीजेपी शासित प्रदेश मध्यप्रदेश में सिमी के 8 अंडरट्रायल कैदियों को मार डाला गया। जिसमें शहीद कांस्टेबल रमाशंकर यादव भी मारे गए। इन दिनों जगह बीजेपी का शासन है।

इससे पहले रिहाई मंच ने भी भोपाल एनकाउंटर को फर्जी करार दिया था और इसकी न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट से कराने की मांग की थी।
रिहाई मंच ने सोशल मीडिया से मिले एक वीडियो क्ल्पि को जारी करते हुए पुलिस पर सवाल उठाए हैं कि जिस तरह शव दिख रहे हैं, उससे साफ है कि उन्हें मारकर फेका गया है। दूसरे जिस तरह से एक पुलिस वाला एक शख्स पर गोली चला रहा है और पीछे से गालियों के साथ एक आवाज आ रही है कि “मत मार” वीडियो बन रहा है से साफ हो जाता है कि मारने बाद पुलिस मीडिया के सामने अपने को सच साबित करने के लिए मुठभेड़ की कहानी गढ़ रही है।

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