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भोपाल गैस सानिहा : महलोकीन की तादाद में तज़ाद से उलझन

भोपाल ०३ दिसम्बर: ( पी टी आई ) भोपाल गैस सानिहा को हालाँकि 27 तवील साल गुज़र चुके हैं लेकिन हुकूमत और मुख़्तलिफ़ एन जी औज़ के दरमयान हलाक होने वालों की सही तादाद पर हनूज़ तात्तुल बरक़रार है और आंखमिचौली का सिलसिला जारी है ।

भोपाल ०३ दिसम्बर: ( पी टी आई ) भोपाल गैस सानिहा को हालाँकि 27 तवील साल गुज़र चुके हैं लेकिन हुकूमत और मुख़्तलिफ़ एन जी औज़ के दरमयान हलाक होने वालों की सही तादाद पर हनूज़ तात्तुल बरक़रार है और आंखमिचौली का सिलसिला जारी है ।

2 और 3 दिसम्बर की निस्फ़ शब 1984 -ए-के इख़तेताम का ज़माना था और जाते जाते वो साल बेहतरीन सनअती हादिसा का रिकार्ड बनाकर चला गया जहां हज़ारों लोग हलाक और हज़ारों अफ़राद माज़ूर हो गए । बाज़ अफ़राद ऐसे भी हैं जिन पर गैस के असरात आज तक क़ायम हैं।

मुतास्सिरीन को इंसाफ़ दिलाने दो अहम एन जी औज़ यानी भोपाल ग्रुप फ़ार इन्फ़ार्मेशन ऐंड ऐक्शण (BGIA) और भोपाल गैस पीढ़ीत महिला उद्योग संघटन ने इद्दिआ किया है कि महलोकीन की तादाद इस तादाद से बहुत ज़्यादा है जिस का सरकारी तौर पर ऐलान हुआ था ।

दरीं असना BGIA की रचना ढिंगरा ने कहा मध्य प्रदेश हुकूमत ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल करदा हलफ़नामा मैं महलोकीन की तादाद 5295 बताई थी लेकिन अपेक्स कोर्ट में दाख़िल करदा फ़ौजदारी की एक अर्ज़दाशत मैं हुकूमत ने महलोकीन की तादाद 15,248 बताई थी लिहाज़ा इस उलझन को दूर करने केलिए ख़ुद हुकूमत को ये ब्यान देना चाहीए कि कौन से आदाद-ए-सही हैं।

दूसरी तरफ़ इंडियन कौंसल आफ़ मैडीकल रिसर्च (ICMR) के मुताबिक़ जिन्हों ने हैल्थ फ़ाएकटस आफ़ दी टॉक्सिक गैस लीक फ्रॉम दी यूनीयन कारबाईड बिट्वीन 1984-1985 के उनवान से एक स्टडी मुनज़्ज़म की थी ।

इस के आदाद-ओ-शुमार के मुताबिक़ 1985 -ए-तक मरने वालों की तादाद 2500 थी । 1984-1989 के दौरान कई हंगामी इसक़ात-ए-हमल भी अंजाम दिए गए थे ।CMR की रिसर्च रिपोर्ट में आगे चल कर ये भी तहरीर किया गया है कि 1985-93 के दौरान मरने वालों की तादाद 9647 थी और ये तमाम गैस लीकेज के ज़ेली असरात के बाद फ़ौत हुए थे ।

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