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मआशी तरक़्क़ी में तालीम का कलीदी रोल

सदर जमहूरीया प्रण‌ब मुख‌र्जी ने कहा कि रवां पंच साला मंसूबा (012-17) के दौरान सालाना 9 फ़ीसद शरह पर मआशी तरक़्क़ी के निशाने को हासिल करने केलिए तालीम कलीदी रोल अदा करसकती है।

सदर जमहूरीया प्रण‌ब मुख‌र्जी ने कहा कि रवां पंच साला मंसूबा (012-17) के दौरान सालाना 9 फ़ीसद शरह पर मआशी तरक़्क़ी के निशाने को हासिल करने केलिए तालीम कलीदी रोल अदा करसकती है।

मुख‌र्जी ने जो यहां 27 वीं इंडियन इंजीनीयरिंग कांग्रेस का इफ़्तिताह कररहे थे, कहाकि 012 ता 2017 केलिए बारहवीं पनचसाला मंसूबा के दौरान सालाना 9 फ़ीसद शरह तरक़्क़ी का तख़मीना किया गया है। इस सतह पर मआशी तौसी केलिए कई मुआविन अनासिर दरकार हैं, जिनमें सबसे अहम तालीम है।

सदर हिंद ने आला तालीम में ज़रूरी इनफ़रास्ट्रक्चर के क़ियाम में की जाने वाली पेशरफ़त-ओ-तरक़्क़ी की सताइश करते हुए कहा कि हिंदूस्तान में डिग्री अता करने वाले 659 इदारा जात और 33,023 कॉलिजस हैं। मुल्क में इंडियन इंस्टीटियूट औफ़ टैक्नोलोजी की तादाद जो 2006-07-ए-में सिर्फ़ 7 थी, 2011-12में इज़ाफे के साथ 15 तक पहुंच गई है।

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