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मक्का मस्जिद के सेक्योरटी अहलकारों को तनख़्वाहों की अदायगी

महिकमा बहबूद से आज महिकमा पुलिस ने अपने मुलाज़िमीन की तनख़्वाहें वसूल करलीं लेकिन मस्जिद के मुलाज़िमीन का मसला जूं का तूं बरक़रार है।

महिकमा बहबूद से आज महिकमा पुलिस ने अपने मुलाज़िमीन की तनख़्वाहें वसूल करलीं लेकिन मस्जिद के मुलाज़िमीन का मसला जूं का तूं बरक़रार है।

आज जब मक्का मस्जिद के सेक्योरटी अहलकारों के डयूटी पर हाज़िर ना होने की इत्तिलाआत अख़बारात में शाय हुईं फ़ौरी पुलिस के आला ओहदेदार हरकत में आगए और महिकमा अकलियती बहबूद की तरफ से इख़तियार करदा रवैये को तन्क़ीद का निशाना बनाया।

होम गार्ड्स कमांडैंट टी सिरीधर ने बज़ाते ख़ुद ज़िला अकलियती बहबूद ओहदेदार के दफ़्तर पहुंच कर सेक्योरटी अहलकारों की तनख़्वाहों पर मुश्तमिल तक़रीबन 80 हज़ार का चेक हासिल करलिया लेकिन मक्का मस्जिद के रास्त मुलाज़िमीन का कोई पुर्साने हाल नहीं।

शाम तक भी उनकी तनख़्वाहों के चेक्स तैयारी के मरहले में रहे। जवाइंट कमिशनर आफ़ पुलिस एम शेवा प्रसाद ने आज अख़बारात में मक्का मस्जिद सेक्योरटी अहलकारों की गैरहाज़िरी की ख़बर पढ़ी तो सीधे अस्सिटेंट कमिशनर पुलिस चारमीनार के दफ़्तर पहुंच गए और सुपरिन्टेन्डेन्ट मक्का मस्जिद अबदुलनईम और मेनेजर मक्का मस्जिद अबदुलमनान को तलब करते हुए तफ़सीलात से आगही हासिल की और बजट की अदम इजराई पर पैदा शूदा सूरते हाल पर ब्रहमी का इज़हार किया और कहा कि तनख़्वाहों की इजराई में ताख़ीर ना की जाये।

इस तरह टी सिरीधर कमांडैंट ने भी डी एम डब्लयू ओ को हिदायत दी कि वो हर माह अंदरून 10 तारीख़ तनख़्वाहों की इजराई को यक़ीनी बनाईं।

जवाइंट कमिशनर पुलिस ने होम गार्ड्स को तलब करते हुए उन से भी बातचीत की और उन्हें फ़ौरी ख़िदमात से रुजू होने की हिदायत दी।

होम गार्ड्स ने इस मौके पर जवाइंट कमिशनर को अपने दुसरे मसाइल से वाक़िफ़ करवाते हुए कहा कि मक्का मस्जिद में सेक्योरटी इंतेज़ामात को यक़ीनी बनाने के लिए मज़ीद होम गार्ड्स की ज़रूरत है।

मक्का मस्जिद के मुलाज़िमीन ने होम गार्ड्स की तनख़्वाहों के लिए पुलिस ओहदेदारों की तरफ से किए जाने वाले बसरात इक़दामात को काबुले सताइश क़रार देते हुए कहा कि मक्का मस्जिद मुलाज़िमीन अरसे दराज़ से अपने मसाइल पेश कररहे हैं लेकिन इन का कोई पुर्साने हाल नहीं है।

मक्का मस्जिद उमोर से जब महिकमा अक़ल्लीयती बहबूद को ही दिलचस्पी नहीं रहेगी तो फिर अवाम मुसलमान किस से इस बात का गला करें कि उनके मसाइल की यकसूई करने में हुकूमत नाकाम होरही है।

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