Sunday , October 22 2017
Home / India / मछेरों के मसाइल की यकसूई केलिए करूणानिधि का वज़ीर-ए-आज़म को मकतूब

मछेरों के मसाइल की यकसूई केलिए करूणानिधि का वज़ीर-ए-आज़म को मकतूब

डी एम के ने आज वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से अपील की कि तामिलनाडो के मछेरों पर जारी ज़ुल्मोसितम के सिलसिले को ख़त्म करने केलिए मूसिर इक़दामात किए जाऐं।

डी एम के ने आज वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से अपील की कि तामिलनाडो के मछेरों पर जारी ज़ुल्मोसितम के सिलसिले को ख़त्म करने केलिए मूसिर इक़दामात किए जाऐं।

श्रीलंकाई बहरिया की जानिब से तामिलनाडो के मछेरों को अज़ितें दी जाती हैं जिसका सिलसिला फ़ौरी तौर पर ना होना चाहिए। उन्हों ने कहा कि बहरिया की जानिब से मछेरों की ज़ब्त शूदा कश्तियों को भी वापिस लिया जाये। सदर डी एम के एम करूणानिधि ने वज़ीर-ए-आज़म के नाम तहरीर करदा एक मकतूब में जो उनकी बेटी कन्नी मोज़ही ने वज़ीर-ए-आज़म के हवाले किया, कहा कि 2009 में श्रीलंका में एल्टी टी ई के ख़िलाफ़ जंग बंदी के ख़ातमा के बाद हिंदुस्तानी मछेरों की गिरफ़्तारी और उन माही गेरी कश्तियों को ज़ब्त करने के वाक़ियात में इज़ाफ़ा हुआ है जैसा कि गुजिश्ता माह यानी 20 सितंबर तक नागापटनम , क्रिया काल ,रामेश्वरम्, पमबन और मंडपम से ताल्लुक़ रखने वाले 112 मछेरे श्रीलंका की मुख़्तलिफ़ जेलों में बंद‌ हैं।

उन पर ना तो इल्ज़ामात आइद किए गए हैं और ना ही कोई मुक़द्दमा चलाया गया। लिहाज़ा ज़रूरत इस बात की है कि मर्कज़ी हुकूमत फ़ौरी तौर पर तामिलनाडो के मछेरों को दरपेश मसाइल की फ़ौरी यकसूई करे। हम वज़ीर-ए-आज़म से इस्तिदा करते हैं कि वह संगीन और नाज़ुक मसला की यकसूई केलिए सिफ़ारती तरीका कार इख़तियार करें और मछेरों की ज़िंदगी बचाकर उनके ख़ानदान के बक़ा का बाइस बनें।

मछेरों के इस तरह बंद‌ होने से उनके अरकान ख़ानदान फ़ाक़ाकशी पर मजबूर हैं। अव्वाम को उम्मीद‌ है कि जब हमारे वज़ीर ख़ारिजा सलमान ख़ूर्शीद कोलंबो का दौरा करेंगे तो इस मुआमला पर भी श्रीलंकाई हुकूमत के साथ बात चीत करते हुए उसकी यकसूई की जाएगी।

TOPPOPULARRECENT