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मजलिस बलदिया जनरल बॉडी इजलास के लिए तर्जुमा सिस्टम का आग़ाज़

हैदराबाद। १७मई (सियासत न्यूज़)। मजलिस बलदिया अज़ीम तर हैदराबाद के आइन्दा जनरल बॉडी इजलास में मौजूद रहने वाले कारपोरेटरस को मुख़्तलिफ़ ज़बानों में तक़ारीर का तर्जुमा सुनने को मिलेगा। जी ऐच एमसी ने तजुर्बाती असास पर मित्र जमीन क

हैदराबाद। १७मई (सियासत न्यूज़)। मजलिस बलदिया अज़ीम तर हैदराबाद के आइन्दा जनरल बॉडी इजलास में मौजूद रहने वाले कारपोरेटरस को मुख़्तलिफ़ ज़बानों में तक़ारीर का तर्जुमा सुनने को मिलेगा। जी ऐच एमसी ने तजुर्बाती असास पर मित्र जमीन के ज़रीया कारपोरीरेटरस की तक़ारीर के तर्जुमे करवाने का मंसूबा तैय्यार किया ही। नए मेयर ने जायज़ा हासिल करने के बाद महसूस किया था कि 150 निशस्ती बलदिया में मौजूद बेशतर कारपोरेटरस को तेलगु और अंग्रेज़ी से वाक़फ़ीयत नहीं है जबकि कई कारपोरेटरस और ओहदेदार उर्दू से नाबलद हैं, जिस के सबब ताल मील का फ़ुक़दान पैदा है ।

मुनासिब अंदाज़ में बलदिया के जनरल बॉडी इजलास की कार्रवाई मुम्किन नहीं हो पा रही थी। मेयर की हिदायत पर तर्जुमे का सिस्टम नसब करने को मंज़ूरी दी गई है जिस के लिए एक करोड़ 8 लाख रुपय दरकार होंगी। इस बजट को इंतिज़ामी मंज़ूरी हासिल हो चुकी है और बताया जाता है कि आइन्दा जनरल बॉडी इजलास में तजुर्बाती असास पर सिस्टम मुतआरिफ़ करवाया जाएगा।

ज़राए के मुताबिक़ कमिशनर बलदिया ने सैक्रेटरी रियास्ती असम्बली से राबिता क़ायम करके दौरान-ए-इजलास असम्बली और कौंसल में मौजूद मित्र जमीन फ़राहम करने की ख़ाहिश ज़ाहिर की थी। चूँकि असम्बली और कौंसल के सैशन में होने की सूरत में बलदिया हैदराबाद का इजलास मुनाक़िद नहीं होता और जब बलदिया का इजलास मुनाक़िद होता है तो उस वक़्त असम्बली या कौंसल नहीं होती। इसी लिए मजलिस बलदिया हैदराबाद अपने मित्र जमीन के तौर पर असम्बली और कौंसल के मित्र जमीन की ख़िदमात हासिल करने पर ग़ौर कर रही है।

मजलिस बलदिया की जानिब से तर्जुमे के सिस्टम की तंसीब की सूरत में तारीख़ में ये एक बेहतरीन कारनामा क़रार पाएगा चूँकि साबिक़ में ताल मेल के फ़ुक़दान और एक दूसरे को समझने में दुशवारीयों को दूर करने कोई कोशिश नहीं की गई थी।

जी ऐच एमसी के जनरल बॉडी इजलास में मौजूद रहने वाले तमाम कारपोरीटरस और ओहदेदारों को तर्जुमे के आलात फ़राहम किए जाऐंगे जिस के ज़रीया वो इजलास की कार्रवाई को अपनी आश्ना ज़बान में सुनने के अहल रहेंगी। बताया जाता है कि तेलगु, अंग्रेज़ी और उर्दू ज़बान के तर्जुमों पर मुश्तमिल इस सिस्टम के ज़रीया ओहदेदारों और कारपोरेटरस को सहूलत फ़राहम होगी। इलावा अज़ीं अवामी मसाइल को समझने में दुशवारी भी दूर होगी और ओहदेदारों को कारपोरेटरस की जानिब से उठाए गए मसाइल को जानने में मदद मिलेगी ।

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