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मजहब हमें तफरका की इजाजत नहीं देता : मौलाना कलीम सिदिक्की

धनबाद 6 जून : पुरानी बाज़ार तकिया मोहल्ला में पयाम इंसानियत कांफ्रेंस का इन्काद किया गया। जिस में हिन्दू और मुस्लिम दोनों फिरके के कसीर लोगों ने शरीक होकर प्रोग्राम को कामयाब बनाया। कांफ्रेंस में हिन्दू मुस्लिम के बानी मौलाना क

धनबाद 6 जून : पुरानी बाज़ार तकिया मोहल्ला में पयाम इंसानियत कांफ्रेंस का इन्काद किया गया। जिस में हिन्दू और मुस्लिम दोनों फिरके के कसीर लोगों ने शरीक होकर प्रोग्राम को कामयाब बनाया। कांफ्रेंस में हिन्दू मुस्लिम के बानी मौलाना कलीम सिद्दीकी यूपी मेहमान खुसूसी थे। उन्होंने कहा के इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं होता।

आप पूजा करते हैं या नमाज पढ़ते हैं सब अपने तरीके से खुदा का ही ध्यान करते हैं। सभी लोग अपने खानदान, समाज और मुल्क की भलाई की लिए इबादत करते हैं। मजहब हमें कभी भी आपस में बाँटने की इजाजत नहीं देता और फिर हम नाहक आपस में अपने लड़ते हैं इस के पीछे तालीम की कमी है।

हमें अपने बच्चों की तालीम पर तवज्जो देनी चाहिए। जहाँ तालीम होगी वहां ये सब बातें देखने को नहीं मेलिगी। उन्होंने आगे कहा के इस्लाम इंसानियत का अलमबरदार है। इस्लाम लोगों को भलाई का हुक्म देता है और बुराई से रोकता है। हर एक के साथ खैर ख्वाही की तालीम देता है।

इस मौके पर जमे मस्जिद के इमाम व खतीब शम्स आलम, मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ आये मौलाना तल्हा नदवी, नौजवान कमेटी के मोहम्मद इकबाल, मौलाना आफ़ताब आलम कासमी, मौलाना नौशाद आलम, मौलाना अफरोज, मौलाना इब्राहीम कासमी, मौलाना इस्राईल, मौलाना अकबर के साथ साथ साबिक़ एमपी चन्द्रशेखर दुबे वगैरह मौजूद थे। प्रोग्राम की सदारत मुफ़्ती शाहीद कासमी ने की। जबके नेज़ामत के फ्रयाज़ मौलाना शम्सी आलम ने बा हुस्न व खूबी अंजाम दिए। प्रोग्राम का आगाज तिलावत कलाम पाक से हुआ।

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