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मणिपुर में बीजेपी को समर्थन के बदले मंत्री पद की मांग

इम्फाल। मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता एन. बिरेन सिंह के सामने नई समस्या पैदा हो गई है। नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के चार विधायकों ने समर्थन देने के बदले अब मंत्री पद की मांग की है। चारों विधायकों ने चार अन्य नागा विधायकों के लिए भी मंत्री पद और महत्वपूर्ण विभागों की मांग की है।

एनपीएफ की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष अवांगबंग न्यूमई ने मणिपुर में भाजपा अध्यक्ष को सोमवार को पत्र लिखा है, जिसमें ये मांगें शामिल हैं। पत्र में कहा गया है, “एनपीएफ की मणिपुर इकाई की 13 मार्च की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार पार्टी के चारों विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना चाहिए।”

पार्टी ने एल. दइको के लिए कैबिनेट में जगह मांगी है, जो माओ सीट से निर्वाचित हुए हैं। पार्टी ने कहा है कि तामी सीट से निर्वाचित अवांगबंग न्यूमई को पहाड़ी एवं जनजातीय विकास, लघु सिंचाई एवं निर्माण विभाग के साथ संसदीय सचिव बनाया जाए।

चिंगई सीट से निर्वाचित खासिम वशुम को योजना एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग का प्रभारी संसदीय सचिव बनाया जाना चाहिए। फंगयार सीट से निर्वाचित के. लीशियो को सिंचाई एवं खाद्य नियंत्रण एवं ग्रामीण विकास का प्रभारी संसदीय सचिव बनाए जाए।

मणिपुर में संसदीय सचिव को राज्यमंत्री का दर्जा होता है और उसे आमतौर पर स्वतंत्र प्रभार दिया जाता है। एनपीएफ के पत्र में हालांकि इस बारे में कुछ नहीं लिखा है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तब उसके क्या कदम होंगे। भाजपा के लिए एनपीएफ के चारों विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण है, जिसने 60 सदस्यीय विधानसभा में 32 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

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