Sunday , August 20 2017
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मदरसा तामीर को लेकर दो गुटों में झड़प

छत्तरगाछ : मदरसा दारूल उलुम कादिरिया नुरिया छमटिया में मदरसा तामीर को लेकर बीते इतवार को दो गुटों में झड़प हो गयी। हालांकि इत्तिला पाकर डीएसपी पंकज कुमार, सीओ समीर कुमार, मुक़ामी मुखिया मो इमामुद्दीन और सरपंच फौजदार मौके पर पहुंच कर किसी तरह दोनों गुटों को समझा बुझा कर मामले को पुरअमन कराया और फौरन मदरसा की इमारत तामीर काम को रोक दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक सारोगोड़ा पंचायत वाकेय मदरसा दारूल उलुम कादिरिया नूरिया जिसका परपोजल नंबर 2643एएफएफ तारीख 31.3.1987 को बिहार मदरसा बोर्ड से लिया गया है।

ये मदरसा में छमटिया के रहने वाले धूमबक्स और खुर्शीद अली ने अपनी मर्ज़ी से 52 डिसमिल जमीन भी 1985 में दान किया है और मदरसा की सही तरीके से चलाने के लिए एक मैनेजमेंट कमेटी की तशकील किया था। मैनेजमेंट कमिटी की तरफ से आम अवाम की राय से ये मदरसा में मो जाहिदुर्रहमान, मौलवी मो अबुल कासमी, आलीम मो रिहान फिरदौस, मो मुज्जमील हक, मो बदरूद्दीन और मुफस्सीर को हाफिज ओहदे पर बहाल किया गया था।

तब से यह सभी मौलवी और असातिज़ा मदरसा में अपना अहम किरदार देते आ रहे है। वहीं असातिज़ा बदरूद्दीन, मो मुज्जमील, मौलवी रिहान फिरदौस और हाफिज मुफस्सीर आलम समेत कमेटी के सेक्रेटरी हिर मोहम्मद सदर मो खातिब आलम, मेम्बर लतीफुर्रहमान, खुर्शिद अली वगैरह ने चीफ़ मौलवी पर इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि मौलवी जाहिदुर्रहमान की तरफ से जालसाजी कर पुराने कमेटी को बदल दिया गया।

यही नहीं मोटी रकम लेकर मदरसा में काम कर रहे असातिज़ा और मौलवियों का नाम हटा कर दूसरे को बहाल कर लिया गया और डीइओ की तरफ से मुक़ामी जांच करा कर चुपचाप बिहार मदरसा बोर्ड को सौंप दिया गया है। इसकी भनक हम लोगों को लगा तो 17.12.14 को बीइओ की तरफ से मदरसा का मुक़ामी जांच रिपोर्ट डीइओ को सुपूर्द कर दिया।

इधर मुक़ामी गाँव वालों ने मदरसा में काम कर रहे असातिज़ा मौलवियों समेत मैनेजमेंट कमेटी के सदर सेक्रेटरी और मेंबरों के जिला ओहदेदार का जेहन गौर कराते हुए चीफ़ मौलवी जाहिदुर्रहमान पर कार्रवाई करते हुए इंसाफ़ की गुहार लगायी है।

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