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मदारिस को निशाना बना कर फ़िर्कापरस्ती की आग भड़काना चाहते हैं: मौलाना क़ासिमी

लोक सभा के एम पी और ऑल इंडिया तालीमी-ओ-मिली फाऊंडेशन के सदर मौलाना इसरारुल-हक़ क़ासिमी ने दारुल-उलूम देवबंद और मज़ाहिर उलूम के तलबा-ए-पर क़ातिलाना हमले की मुज़म्मत करते हुए कहा कि मदारिस के तलबा-ए-पर जिस बरबरियत के साथ गोली चलाई गई, उसक

लोक सभा के एम पी और ऑल इंडिया तालीमी-ओ-मिली फाऊंडेशन के सदर मौलाना इसरारुल-हक़ क़ासिमी ने दारुल-उलूम देवबंद और मज़ाहिर उलूम के तलबा-ए-पर क़ातिलाना हमले की मुज़म्मत करते हुए कहा कि मदारिस के तलबा-ए-पर जिस बरबरियत के साथ गोली चलाई गई, उसकी जितनी भी मुज़म्मत की जाये कम है।

उन्होंने तालिब-ए-इल्म मुहम्मद मुबारक के इंतिक़ाल पर इज़हार-ए-अफ़सोस करते हुए कहा कि रियासती हुकूमत की नज्म व नस्क़ में कमजोरी से आए दिन रियासत में ऐसे वाक़ियात सामने आते रहते हैं,जिनसे पूरी रियासत में बदअमनी की फ़िज़ा क़ायम होजाती है।

मौलाना ने कहा कि पहले दारुल-उलूम देवबंद के तलबा को निशाना बनाया गया, इसके बाद शर पसंदों ने मज़ाहिर उलूम के तलबा को निशाने पर लिया, उन्होंने कहा कि ये निहायत तशवीशनाक बात है कि मदारिस के तलबा-ए-पर हमलों का जो सिलसिला कई माह क़बल शुरू हुआ था, वो आज तक जारी है, हालाँकि मुसलमानों की तरफ़ से तलबा-ए-पर हमले की वारदातों को रोकने के लिए मुतअद्दिद बार रियासती हुकूमत से मांग‌ भी किए गए।

उन्होंने कहा कि जब तक हमला आवरों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई नहीं होगी, शरपसंदों को जेलों में नहीं भेजा जाये गा, इंतिज़ामी मुआमलात को चौकस नहीं बनाया जाये गा,उस वक़्त तक इस तरह के हमले जारी रहेंगे, क्यों कि शरपसंद अनासिर फ़िर्कापरस्ती की आग भड़काने के लिए हनूज़ सरगर्म हैं और उनके ख़िलाफ़ इबरतनाक कार्रवाई ना होने की वजह से, उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

उन्होंने रियासती हुकूमत के नज्म व नस्क़ पर सवाल उठाते हुए कहा कि आख़िर हुकूमत शरपसंदों को क़ाबू में करने में नाकाम क्यों है ? दारुल-उलूम देवबंद और मज़ाहिर उलूम ये दोनों ऐसे इदारे हैं, जहां मुल्क और बैरून-ए-मुमालिक के बच्चे ज़ेर-ए-तालीम हैं, उनकी तालीमी सरगर्मियों में दख़ल अंदाज़ी करना और उन पर मुसलसल हमले होना मुल्क के अमन-ओ-अमान और सलामती के लिए ख़तरा है।

वक़्त आगया है कि उनके हौसलों को पस्त करने के लिए उनके ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाये। वाज़िह रहे कि दारुल-उलूम के दो तलबा-ए-मुज़फ़्फ़रनगर से नमाज़ जुमा की अदाएगी के बाद दारुल-उलूम लौट रहे थे कि रास्ता में कुछ नामालूम शरपसंदोंने उन पर फायरिंग करके हमला करदिया। इन में से एक तालिब-ए-इल्म मुबारक का इंतिक़ाल होगया है।

मुमताज़ आलम दीन मौलाना क़ासिमी ने कहा कि मुसलमानों को हिरासाँ विपरेशां करने के लिए और मदारिस को निशाना बनाने के लिए ये सब कुछ मंसूबा बंद तरीके पर किया जा रहा है। इस लिए सरकार को चाहिए कि वो फ़िर्कापरस्ती के ख़िलाफ़ ठोस और मूसिर क़दम उठाए और किसी की रियायत ना करते हुए इंसाफ़ के लिए कोशिश‌ हो।

उन्होंने कहा कि मुसलमान आख़िर कब तक अपने ऊपर होने वाले मज़ालिम को बर्दाश्त करते रहेंगे और कब तक सरकारें मुसलमानों के साथ सिर्फ़ वादे करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि फ़ौरी तौर से हालात को क़ाबू करने की ज़रूरत है, जिन तलबा-ए-पर हमले किए गए हैं, उनकी जांच के बाद हमला आवरों को जल्द से जल्द गिरफ्तारकरके अंजाम‌ तक पहुंचाया जाये ताकि हालात पुरअमन हो और शरपसंदों के हौसलों को पस्त किया जा सके।

मौलाना मौसूफ़ ने मुबारक के अहल-ए-ख़ाना से ताज़ियत करते हुए कहा कि हम उनके दुख दर्द में शरीक हैं और मदारिस में ज़ेर-ए-तालीम तलबा किसी मायूसी में मुबतला हुए बगै़र हुए यकसूई से अपने तालीम सफ़र में मसरूफ़ रहें, साथ ही साथ हालात के मद्द-ए-नज़र मुहतात भी रहें।

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