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मध्य प्रदेश में चौदह माह में 40 बाघों की मौत

मध्य प्रदेश अपने आपको बाघ वाला राज्य बुलाता है लेकिन पिछले एक साल पूरे राज्य में 40 बाघों की मौत हो चुकी है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क से नवीनतम मौतों की सूचना मिली है, जहां दो बाघ शावक रविवार दोपहर को दम तोड़ दिया। मध्य प्रदेश में बीते दो दिनों में तीन बाघों की मौत हो चुकी है।

 

 

 

शनिवार रात को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में वायरल इन्फेक्शन से दो लावारिस बाघ शावकों की मौत हो गई। अभयारण्य के फील्ड निदेशक मृदुल पाठक ने बताया कि मारे गए शावकों में एक की शनिवार रात के आसपास मौत हो गई जबकि दूसरे ने रविवार सुबह दम तोड़ दिया।

 

 

 

उन्होंने कहा कि दोनों शावक चार महीने के थे। पाठक ने बताया कि ये दो बाघ शावक उन तीन बाघ शावकों में शामिल थे, जो इस साल 22 जनवरी को प्रदेश के संजय गांधी बाघ अभयारण्य के बाहरी इलाके में स्थित सरवाही गांव में पाए गए थे। उन्होंने कहा कि शिकारियों ने इनकी मां को जान से मार दिया था और जब शावक मिले थे तब वह बहुत कमजोर और शक्तिहीन थे।

 

 

 

 

पाठक ने बताया कि बाद में इन तीनों शावकों को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में लाया गया था और उनकी देखभाल वनकर्मियों द्वारा की जा रही थी। उन्हें बोतल से दूध भी पिलाया जा रहा था।

 

 

 

 

उन्होंने कहा, ‘हमने पार्वो वायरस से पीड़ित इन शावकों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। यह वायरस सामान्य तौर पर कुत्तों में पाया जाता है, लेकिन यहां इन शावकों में यह पाया गया।

 

 

 

इन्हें बचाने के लिए पन्ना और जबलपुर से पशु चिकित्सकों को भी बुलाया गया, लेकिन वे भी इन्हें नहीं बचा पाए।’ पाठक ने बताया कि तीसरे बाघ शावक को भी इन्फेक्शन है और पशु चिकित्सकों का एक दल उसे बचाने का प्रयास कर रहा है।

 

 

 

 

वन विभाग और राज्य पुलिस ने 1 9 जनवरी को शहडोल में टाइगर की बिजली के लिए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि पांच लोगों को बैतुल में शेर की हत्या के लिए गिरफ्तार किया गया था।

 

 

 

पूर्व में इसी तरह की गिरफ्तारी हुई है लेकिन पिछले 14 महीनों में मध्य प्रदेश में 40 बाघों की मौत हो गई है या उन्हें मारने वाले शिकारियों के लिए कोई प्रभावी प्रतिरोध नहीं है।

 

 

 

 

 

वन विभाग के सेवानिवृत्त सहायक निदेशक डॉ सुदेश वाघमारे ने कहा कि यह सिर्फ शिकारियों का काम नहीं बल्कि भोपाल से करीब 50 किलोमीटर दूर अब्दुल्लागंज के पास गाड़ियों ने दो बाघों को मार दिया है।

 

 

 

केंद्रीय रेल मंत्री ने उन स्थानों पर बाड़ लगाने की बात कही है जहां दो बाघ मारे गए थे लेकिन राज्य वन विभाग अब तक प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है।

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