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मनासिके हज का कल से आग़ाज़, सऊदी हुकूमत के बेहतर इंतेज़ामात

रियाध 09 सितम्बर: मनासिके हज का बरोज़ हफ़्ते से आग़ाज़ होगा। पाँच रोज़ा अय्यामे हज के दौरान हुकूमत सऊदी अरब की तरफ से वसी-तर सेक्यूरिटी और दुसरे इंतेज़ामात किए गए हैं। लाखों मुस्लमान जुमा की शब से ही वादई मिना की तरफ रवाना होंगे। हिन्दुस्तानी आज़मीन को भी मुताल्लिक़ा मालमीन की तरफ से बसों के ज़रीये वादई मिना मुंतक़िल किया जाएगा।

पिछ्ले साल शैतान को कंकरीयां मारने के दौरान भगदड़ से सैंकड़ों हाजियों के जांबाहक़ होने के वाक़िये के बाद हुकूमत सऊदी अरब ने बेहतर एहतियाती इंतेज़ामात किए हैं। मक्का मुअज़्ज़मा में लाखों मुस्लमान तवाफ़-ओ-सई के अलावा इबादात-ओ-अज़कार में मसरूफ़ हैं।

कई आज़मीने हज्ज मदीना मुनव्वरा में हुज़ूर अक़्दस (सल्लललाहु अलैहि वसल्लम)के रोज़ा-ए-अतहर की ज़यारत के बाद मक्का मुअज़्ज़मा वापिस हो रहे हैं। माबाक़ी आज़मीन भी मक्का वापिस होंगे। सालाना फ़रीजे की सआदत हासिल करने वाले लाखों मुसलमानों के वादई मिना में क़ियाम, मैदान अर्फ़ात में वक़ूफ़ अर्फ़ात और मज़दल्फ़ा में शब बसरी के लिए तमाम इंतेज़ामात को क़तईयत दी गई है।

मौसिम-ए-गर्मा की वजह से मक्का मुअज़्ज़मा और वादई मिना के अलावा मैदाने अर्फ़ात में ठंडक पहूँचाने वाले भी इंतेज़ामात किए जा रहे हैं। सफ़ैद एहराम में मलबूस फ़र्र ज़िंदान तौहीद बसों, ख़ानगी मोटरों या पैदल ही वादई मिना की तरफ रवाना होंगे जहां हर मुल्क के आज़मीने हज्ज के लिए ख़ेमों को अलाट किया गया है।

हिन्दुस्तानी आज़मीन के लिए भी तमाम इंतेज़ामात की निगरानी के अलावा तिब्बी मुआइने के लिए सहूलतें फ़राहम की गई हैं। मर्कज़ी हज कमेटी की तरफ से आज़मीने हज्ज को मनासिक हज की अदायगी में सहूलतें फ़राहम करने पर ख़ास तवज्जा दी गई है। हुकूमत सऊदी अरब ने इस साल हर आज़िम हज को ख़ुसूसी इलेक्ट्रॉनिक कलाई पट्टा फ़राहम किया है जिस पर आज़मीन की तफ़सीलात, दाख़िला की तारीख़ और अहम मालूमात दर्ज हैं। पिछ्ले साल की भगदड़ की परवाह किए बग़ैर मक्का मुअज़्ज़मा में 15 लाख मुस्लमान नमाज़ अदा कर रहे हैं।कई हिफ़ाज़ती इक़दामात किए गए हैं।

पिछ्ले साल रुमी जमार के दौरान 2300 हुज्जाज जांबाहक़ हो गए थे। पिछ्ले साल की भगदड़ के पेश-ए-नज़र हिफ़ाज़ती इंतेज़ामात सख़्त कर दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर आते ही हुज्जाज की ख़िदमत में सऊदी पुलिस मसरूफ़ होजाती है।

पिछ्ले 30 साल में पहली मर्तबा हज में ईरानी शहरी शरीक नहीं हैं। पिछ्ले मई में इस सिलसिले में सऊदी। ईरान बात चीत नाकाम हो गइ थी। ईरान ने 60 हज़ार आज़मीन-ए-हज्ज रवाना किए थे जो पिछ्ले साल हज की सआदत से महरूम हुए थे। पिछ्ले साल की भगदड़ में जांबाहक़ होने वाले सबसे ज़्यादा ईरानी शहरी ही थे जिनकी तादाद 464 थी।

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