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मयांमार फिर जल उठा 25 अफ़राद हलाक इमरजेंसी नाफ़िज़

मयांमार, 23 मार्च:(ए एफ पी )मयांमार में आज फ़साद से मुतास्सिरा शहर में इमरजंसी नाफ़िज़ कर दी गई है जहां बुद्धिस्ट मुस्लिम फ़साद में कम अज़ कम 20 अफ़राद हलाक हो गए हैं और इस तशद्दुद के मज़ीद फैलने के अंदेशे भी ज़ाहिर किए जा रहे हैं। गुज़शता तीन द

मयांमार, 23 मार्च:(ए एफ पी )मयांमार में आज फ़साद से मुतास्सिरा शहर में इमरजंसी नाफ़िज़ कर दी गई है जहां बुद्धिस्ट मुस्लिम फ़साद में कम अज़ कम 20 अफ़राद हलाक हो गए हैं और इस तशद्दुद के मज़ीद फैलने के अंदेशे भी ज़ाहिर किए जा रहे हैं। गुज़शता तीन दिन से यहां तशद्दुद फूट पड़ा है जहां क़त्ल-ओ-ग़ारतगरी और आगज़नी का माहौल गर्म है ।

इस फ़साद के नतीजा में मेकतेला के इलाक़ा में कई मकानात नज़र-ए-आतिश कर दिए गए हैं जो राख के ढेर में बदल गए हैं। हुक्काम को सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पाने में काफ़ी मुश्किलात पेश आ रही हैं। एक पुलिस ओहदेदार ने नाम ज़ाहिर ना करने की शर्त पर बताया कि कम अज़ कम 20 अफ़राद हलाक हो गए हैं।

हमारा अंदाज़ा है कि महलोकेन की तादाद और भी ज़्यादा हो सकती है लेकिन उनके लिए इन आदाद-ओ-शुमार को हासिल करना मुश्किल होगा । सदर मयांमार के दफ़्तर से जारी करदा एक बयान में कहा गया है कि इस शहर में इमरजेंसी नाफ़िज़ कर दी गई है क्योंकि इमरजेंसी के नफ़ाज़ से फ़ौज को इस टाउन में सूरत-ए-हाल को मामूल पर लाने में मदद मिलेगी ।

कहा गया है कि आज सूरत-ए-हाल इंतिहाई कशीदा रही क्योंकि कई मुसल्लह अफ़राद के ग्रुप्स जिन में बौद्व राहिब भी शामिल हैं हाथों में चाक़ू और लाठियां लिए सड़कों और गलियों में घूम रहे थे । टाउन के कई मुस्लिम शहरी यहां से फ़रार हो गए हैं। एक सहाफ़ी ने देखा कि एक मुक़ाम पर लब सड़क दो नाशों की बाक़ियात पड़ी हैं।

शहर में कई मुक़ामात पर सड़कों पर लाशें पड़ी रहने की भी इत्तेलाआत मिली हैं कई मुक़ामात पर मसाजिद और घरों को नज़र-ए-आतिश कर दिया गया है जिन से धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है । कई इमारतें लावारिस रह गई हैं। एक मुक़ामी शहरी ने बताया कि सूरत-ए-हाल मज़ीद बिगड़ती जा रही है ।

लोग इमारतों को नुक़्सान पहूँचा रहे हैं। कई अफ़राद हलाक हो चुके हैं और हम इतने ख़ौफ़ज़दा हैं कि हम अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहते । एक सहाफ़ी ने बताया कि रिपोर्टर्स के एक ग्रुप को भी चाक़ू की नोक पर रोक लिया गया और उन से कैमरों के मेमोरी कार्डज़ (Cards) छीन लिए गए ।

इंतिहाई मुसल्लह नौजवानों और बौद्व राहिबों पर मुश्तमिल ग्रुप्स ने सहाफ़ीयों के कैमरे भी चेक किए । गुज़शता साल रोहनगया मुसलमानों की बदतरीन नसलकुशी और हलाकत ख़ेज़ तशद्दुद के बाद अब ये एक और बदतरीन फ़साद है । एक रुकन पार्लियामेंट ने बताया कि अब तक 25 अफ़राद हलाक हो गए हैं ।

नेशनल लीग फ़ार डेमोक्रेसी पार्टी के पारर्लीमेनट्रेन वन हतएन ने बताया कि सूरत-ए-हाल अच्छी नहीं है । हालाँकि हुकूमत का इद्दिआ है कि हालात पूरी तरह क़ाबू में हैं ।उन्होंने बताया कि सैंकड़ों मुसलमान एक फुटबॉल ग्राउंड और एक पुलिस कमपाउंड में पनाह लेने पर मजबूर हो गए हैं जबकि बुद्धिस्टों ने अपनी मंदिरों में पनाह हासिल की है ।

बुद्धिस्टों और मुसलमानों में बढ़ती हुई कशीदगी पर गज़शतह साल मयांमार को आलमी बिरादरी की तन्क़ीदों का निशाना बनना पड़ा था । एक मुक़ामी पुलिस ओहदेदार ने बताया कि कल ही ये अहकाम मिल गए हैं कि फ़सादीयों को देखते ही गोली मार दी जाये। उन्होंने बताया कि ये अहकाम हासिल हुए हैं कि फ़सादीयों को कमर के नीचे गोली का निशाना बनाया जाये ताकि सूरत-ए-हाल पर क़ाबू पाया जा सके और मज़ीद तशद्दुद ना फैल जाये ।

मुबस्सरीन ने ताहम बताया कि हालात बिलकुल भी क़ाबू में नहीं हैं और तशद्दुद के मज़ीद वुसअत इख़तियार कर जाने के अंदेशे बढ़ते जा रहे हैं। अब जबकि मयांमार के हालात पर बैन अल-अक़वामी बिरादरी की तशवीश में इज़ाफ़ा होता जा रहा है अक़वाम-ए-मुत्तहिदा के एक सीनीयर ओहदेदार ने कहा कि हुक्काम को चाहीए कि वो ज़िंदगीयों के मज़ीद नुक़्सान को रोकने और तशद्दुद को कम करने के लिए फ़ौरी इक़दामात करे ।

सेक्रेटरी जनरल अक़वाम-ए-मुत्तहिदा मिस्टर बान की मून के ख़ुसूसी मुशीर विजय नांबियार ने कहा कि मज़हबी क़ाइदीन को और दीगर कम्यूनिटी क़ाइदीन को चाहीए कि वो अपने हामियों को तशद्दुद से गुरेज़ करने की तलक़ीन करें। उन्हें चाहीए कि क़ानून का एहतिराम करने पर ज़ोर दिया जाये ताकि तशद्दुद को फैलने से रोका जाये ।

अक़वाम-ए-मुत्तहिदा ने ताहम इन हलाकतों और मुसलमानों के अमला सफाया की मुहिम पर किसी तरह के वाज़िह बयान देने और मयांमार की तन्क़ीद करने से गुज़शता साल भी गुरेज़ किया है और अब भी सिर्फ़ एक मुबहम से बयान की इजराई पर ही इकतिफ़ा किया है ।

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